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Gujarat: अब अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों को घर के पास नियुक्ति का मौका, भर्ती नियम जारी

गुजरात सरकार ने शिक्षकों की भर्ती में तीन शिक्षक सहायक पर एक पुराने शिक्षक का अनुपात तय किया है।

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GSEB

जीएसईबी।

गुजरात में सरकारी शिक्षकों के बाद अब अनुदानित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी अपने घर के पास के के अनुदानित या सरकारी स्कूल में नियुक्ति का मौका मिलेगा। इसके लिए गुजरात सरकार ने गुरुवार को राज्य के अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत पुराने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के नियम जारी किए हैं।

शिक्षकों की भर्ती में अब तीन शिक्षक सहायकों पर एक पुराने शिक्षक की भर्ती की जाएगी। अनुदानित स्कूलों में पांच साल से कार्यरत शिक्षक को पूरी नौकरी में सिर्फ एक बार ही पुराने शिक्षक के रूप में अन्य स्कूल में भर्ती होने का मौका मिलेगा। इसके तहत भर्ती होने वाले पुराने शिक्षकों की नौकरी को निरंतरता में गिना जाएगा। संबंधित विभाग, विषय में ही वे भर्ती हो सकेंगे। इसके लिए अलग से भर्ती बोर्ड का गठन किया जाएगा।

पुराने शिक्षक की व्याख्या की तय

गुजरात सरकार ने पुराने शिक्षक कौन होंगे उसकी व्याख्या भी तय कर दी है। इसके तहत शिक्षा विभाग के तहत आने वाली अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में पांच साल तक लगातार नौकरी पूरी करने वाले और अभी नियमित शिक्षक के रूप में कार्यरत शिक्षक को पुराना शिक्षक माना जाएगा। ऐसे शिक्षक ही भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। ऐसे शिक्षक को कंप्यूटर उपयोग की जानकारी जरूरी है।

अनुदानित अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षक नहीं कर सकेंगे आवेदन

सरकार की ओर से एक अगस्त 2024 को जारी नियमों व निर्देश के तहत पुराने शिक्षक के रूप में गुजरात की अनुदानित अल्पसंख्यक स्कूलों में कार्यरत शिक्षक पुराने शिक्षक के तहत आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के चलते यह निर्णय किया गया है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति को दो साल बाकी हों ऐसे शिक्षक भी पुराने शिक्षक के रूप में भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे।

संबंधित ग्रांटेड स्कूल की एनओसी जरूरी

निर्देश में कहा गया है कि इस नियम के तहत भर्ती का लाभ लेने के लिए शिक्षक को संबंधित ग्रांटेड स्कूल, ट्रस्ट का अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा। साथ ही उसके विरुद्ध कोई विभागीय जांच लंबित नहीं है, कोर्ट केस या आपराधिक मामला नहीं चल रहा है, कोई बकाया नहीं है, उसका प्रमाण पत्र भी देना होगा। यदि स्कूल की ओर से अनुचित कारणों से एनओसी नहीं मिलती है, तो डीईओ एनओसी दे सकेंगे। लेकिन इस संबंध में डीईओ को स्कूल -ट्रस्ट के विरुद्ध नियम के तहत कार्यवाही करनी होगी।