
Gujarat: पार-तापी-नर्मदा लिंक प्रोजेक्ट स्थगित, केन्द्रीय बजट में की गई थी घोषणा
अहमदाबाद. केन्द्र सरकार ने पार-तापी- नर्मदा लिंक प्रोजेक्ट स्थगित करने का निर्णय लिया है। केन्द्रीय बजट में इस बार इस प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी। लेकिन आदिवासियों के लगातार विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केन्द्र सरकार को यह योजना स्थगित करनी पड़ी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सह सांसद सी आर पाटिल के नेतृत्व में गुजरात के सांसदों व नेताओं का प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिला। इन नेताओं ने आदिवासियों पर इस प्रोजेक्ट के प्रभाव के बारे में जानकारी दी। इस बैठक में बाद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत भी शामिल हुए। इसके बाद तीनों केन्द्रीय मंत्री इस प्रोजेक्ट को स्थगित करने पर सहमत हुए।
गुजरात के प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी मामलों के मंत्री नरेश पटेल, मत्स्योद्योग मंत्री जीतू चौधरी, मांगरोल से विधायक व पूर्व आदिवासी मामलों के मंत्री गणपत वसावा व वलसाड के सांसद के सी पटेल शामिल थे।
केन्द्र सरकार ने वर्ष 2022-23 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने गुजरात में पार-तापी-नर्मदा इन्टर लिंक प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। इस प्रोजेक्ट के लिए महाराष्ट्र और गुजरात दोनों सरकारों की सहमति जरूरी थी, हालांकि दोनों राज्यों ने इसके लिए सहमति नहीं जताई थी। केन्द्र सरकार ने इस योजना के अमलीकरण के लिए राज्य सरकार के निर्णय को अंतिम मानने का स्पष्ट मत व्यक्त किया है।
आदिवासियों की पहचान को खत्म कर रही है भाजपा सरकार: कांग्रेस
इस मामले में गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार गत 27 वर्षों से आदिवासी समाज की पहचान और अस्तित्व को खत्म करने का काम कर रही है। आदिवासी समाज के हक, अधिकारों व अस्तित्व बचाने की लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है। आदिवासी समाज का नुकसान करने वाली भाजपा सरकार की विभिन्न योजनाओं का विरोध किया जा रहा है।
Published on:
29 Mar 2022 09:51 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
