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Cyber security: साइबर युद्ध की समस्या का सामना करने को गुजरात सुसज्ज: राजकुमार

Gujarat police ready for cyber security and cyber warfare: rajkumar -एनएफएसयू में साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम  

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Cyber security: साइबर युद्ध की समस्या का सामना करने को गुजरात सुसज्ज: राजकुमार

Cyber security: साइबर युद्ध की समस्या का सामना करने को गुजरात सुसज्ज: राजकुमार

Ahmedabad. गुजरात के अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव राजकुमार ने कहा कि cyber warfare की वैश्विक समस्या का सामना करने के लिए गुजरात सुसज्ज है। बीते दो से ढाई दशक में डिजिटल अर्थव्यवस्था की शुरुआत हुई है। आज भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था है। ऐसे में डिजिटल क्राइम बढऩे की भी संभावना है। जिसका सामना करने के लिए गुजरात पुलिस पूरी तरह से तैयार है। वे शुक्रवार को गांधीनगर स्थित नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राज्य के गृह विभाग की ओर से आयोजित साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी 1200 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी साइबर क्राइम सेल में कार्यरत हैं। इसके अलावा हजारों की संख्या में साइबर स्वयंसेवक भी अपना योगदान दे रहे हैं। राज्य के लोगों को cyber security प्रदान करने के लिए, साइबर अपराधियों से बचाने के लिए एक लाख साइबर स्वयंसेवकों की टीम तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
एफएसएल निदेशक एच पी संघवी ने साइबर स्वच्छता, एसपी नीरज बडग़ूजर ने साइबर क्राइम कानून और प्रावधान, डीआईजी सौरभ तोलंबिया ने साइबर क्राइम के प्रकार, आईजी सुभाष त्रिवेदी ने साइबर क्राइम का शिकार होने के बाद क्या करें इस विषय पर लोगों को जानकारी दी। सीआईडी क्राइम के पुलिस महानिदेशक टी एस बिस्ट ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान cyber security, साइबर क्राइम को सुलझाने में बेहतर काम करने वाले पुलिस कर्मचारियों को, साइबर स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। ऑनलाइन स्लोगन और प्रश्नोत्तरी स्पर्धा के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। गृह सचिव निपुणा तोरवणे, केन्द्रीय गृहमंत्रालय के आईफोरसी प्रोजेक्ट की निदेशक चंचल यादव, एसीपी जितेन्द्र सिंह, एनएसएफयू के प्रभारी कुलपति प्रो. एस ओ जुनारे उपस्थित रहे।

साइबर अपराधियों ने ठगे 6.50 करोड़ लोगों को वापस दिलाए
राज्य के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने कहा कि अब तक राज्य में साइबर क्राइम से जुड़े 5000 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें 4500 लोगों को पकड़ा है। साइबर ठगों की ओर से हड़पे गए 6.50 करोड़ से ज्यादा लोगों को वापस दिलाने में गुजरात साइबर सेल को सफलता मिली है। 1930 हेल्पलाइन नंबर दिन-रात चौबीस घंटे cyber security के लिए, मदद के लिए कार्यरत है। वर्ष 2008 में अहमदाबाद शहर में पहली साइबर क्राइम यूनिट शुरू की गई। 2011 में राज्य स्तरीय साइबर सेल गठित किया। फिर 4 प्रमुख शहरों में और 9 रेंज में साइबर क्राइम सेल कार्यरत किए और 2021 में 10 जिलों में साइबर सेल शुरू किए गए।