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गुजरात के पहले सोलर ब्रिज से वर्ष में मिलेगी 75 लाख रुपए की बिजली

वडोदरा में है बना : 23.25 करोड़ का कुल खर्च, 9 महीनों में बनी 50 लाख की बिजली

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गुजरात के पहले सोलर ब्रिज से वर्ष में मिलेगी 75 लाख रुपए की बिजली

वडोदरा शहर के अकोटा-दांडिया ब्रिज पर वडोदरा महानगर पालिका की ओर से बनाया गया सोलर ब्रिज।

राजेश भटनागर

अहमदाबाद. गुजरात के महेसाणा जिले में देश का पहला सोलर प्लांट स्थापित करने के बाद गुजरात के ही वडोदरा शहर में पिछले वर्ष स्थापित किए गए पहले सोलर ब्रिज से वर्ष में 75 लाख रुपए की बिजली मिलने की उम्मीद है।
वडोदरा शहर के अकोटा-दांडिया ब्रिज पर वडोदरा महानगर पालिका की ओर से 23.25 करोड़ रुपए के खर्च से यह सोलर ब्रिज बनाया गया है। इस पर 325 वॉट पावर के कुल 3024 सोलर पैनल लगाए गए हैं। इनके साथ ही 70 किलोवॉट के 14 सोलर इनवर्टर और 1 हजार किलोवॉट एम्पीयर क्षमता का 1 पावर ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं।
रोजाना 3940 और वर्ष में 14 लाख यूनिट बिजली उत्पादन
सभी पैनल वायव्य दिशा में 12 से 18 डिग्री के समकोण में लगाए गए हैं। इनसे दिनभर सूर्य की रोशनी मिलती है। जिससे एक दिन में 3940 यूनिट और एक वर्ष में 14 लाख यूनिट बिजली उत्पादन हो सकता है। ब्लू वेफर सामग्री के पैनल एल्यूमीनियम व कॉपर से बने हैं। सूर्य के प्रकाश से ब्लू वेफर न्यूट्रॉन प्रवाह में लाने से बिजली उत्पन्न होती है। गुजरात की भौगोलिक स्थिति के अनुसार सामान्य तौर पर सुबह 7.30 से शाम 5.45 बजे तक और सुबह 11.30 से अपराह्न 3.30 बजे तक अधिकतम सौर ऊर्जा उत्पन्न होती है। कुल 252 मीटर लंबे, 40 मीटर चौड़े, 15.33 मीटर ऊंचाई के साथ कुल 11200 वर्ग फीट क्षेत्र में निर्माण कार्य किया गया है। रात के समय ब्रिज पर रोशनी के लिए रूफटॉप के नीचे की ओर आकर्षक रंगीन लाइटें लगाई गई हैं।
मध्य गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (एमजीवीसीएल) के 6.7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से 9 महीनों में कुल 50 लाख रुपए की बिजली उत्पन्न हुई।
एमजीवीसीएल यह बिजली लेकर वडोदरा महानगर पालिका को उपलब्ध करवा रही है। इसमें से सर्वाधिक 3,88,271 यूनिट यानी 54.95 फीसदी बिजली राजीव नगर सीवरेज प्लांट को और शेष 2,32,256 यूनिट अटलादरा सीवरेज प्लांट को यूनिट व 86,063 यूनिट खंडेराव मार्केट को उपलब्ध करवाई जा रही है।


रोजाना 50-60 पैनल की सफाई

सोलर पैनलों पर जमने वाली धूल-मिट्टी की सफाई भी की जाती है। रोजाना सूर्य का प्रकाश नहीं मिलने के समय 50-0 पैनलों और सामान्यतया एक पखवाड़े में बारी-बारी सभी पैनलों की सफाई की जाती है। सभी पैनलों को डस्टर से साफ किया जाता है।
कौशिक परमार, कार्यपालक अभियंता, वडोदरा महानगर पालिका