
गांधीनगर. गुजरात के स्कूलों में गुजराती भाषा अनिवार्य कर दी गई है। राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेन्द्र चुडास्मा ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में यह अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय राज्य में संचालित सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी, सीआईएससीई, आईजीसीएसई सहित अन्य बोर्ड के स्कूलों तथा अन्य माध्यम के स्कूलों के लिए लागू होगा। इसे पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक लागू किया जाएगा। इसका अमलीकरण जून 2018 से आरंभ होने वाले शैक्षणिक सत्र से होगा। जिन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र जल्दी आरंभ किया गया होगा वैसे स्कूलों में दूसरे सत्र से गुजराती विषय को अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
विधानसभा में सार्वजनिक महत्व के संबंध में नियम 44 के तहत यह बयान देते हुए मंत्री चुुडास्मा ने कहा कि प्रथम भाषा के रूप में मातृभाषा होनी चाहिए। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की सरकार ने राज्य की सरकार मान्य व अन्य बोर्ड/माध्यम के स्कूलों में भी गुजरात सिखाने का सांस्कृतिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक पढ़ रहे विद्यार्थियों को को गुजराती भाषा में परिचित होना चाहिए।
पहली-दूसरी कक्षा में परिचयात्मक भाषा के रूप में शिक्षा
उन्होंने कहा कि पहली व दूसरी कक्षा में परिचयात्मक भाषा के रूप में शिक्षा दी जाएगी। विशेषज्ञों व भाषा के विशेषज्ञ-शिक्षाविदों के साथ मिलकर इस पहलू को और ज्यादा बेहतर रूप देते हुए इसे क्रमश: अगली कक्षाओं के लिए कार्यान्वित किया जाएगा।
राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के इस निर्णय को महत्वपूर्ण सांस्कृतिक व शैक्षणिक निर्णय बताते हुए मंत्री ने कहा कि भारत के संविधान में राज्यों का गठन भाषा के आधार पर किया गया है। इसलिए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गुजराती भाषा के हित में यह अहम निर्णय लिया है।
प्रथम भाषा होनी चाहिए मातृभाषा
इस निर्णय के अमलीकरण के साथ राज्य में संचालित किसी भी बोर्ड के साथ संलग्न अन्य माध्यम के स्कूलों में गुजराती भाषा सिखाई जाएगी। कोठारी आयोग के रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम भाषा के रूप में मातृभाषा होनी चाहिए, लेकिन राज्य में गुजरात सरकार मान्य अन्य माध्यम की स्कूलों में विद्यार्थियों को राज्य की भाषा गुजराती नहीं सिखाई जाती। इस कारण ऐसा प्राय: देखा जाता है कि गुजरात का बालक उचित ढंग से गुजराती बोल या समझ नहीं सकता, लेकिन इस निर्णय के अमल के बाद गुजरात के बच्चे धीरे-धीरे गुजराती भाषा समझ सकेंगे।
Published on:
27 Mar 2018 07:32 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
