
Ahmedabad. गुजरात में विदेशी शराब तस्करी के 23 से ज्यादा मामलों में लिप्त एक और गिरोह के विरुद्ध स्टेट मॉनीटरिंग सेल (एसएमसी) की टीम ने गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड ऑर्गनाइज क्राइम (गुजसीटोक) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। एसएमसी थाना स्वीकृत होने के बाद गुजसीटोक के तहत यह दूसरी प्राथमिकी है।
एसएमसी के उपाधीक्षक के टी कामरिया ने बताया कि राजस्थान के सीकर जिले की फतेहपुर तहसील के रूपनगर निवासी अनिल उर्फ पांडिया जाट, बाडमेर जिले के आगौर गांव निवासी पवन सिंह महेच्छा, चूरू जिले के जारिया दूधवा खारा गांव निवासी तौफिक मुसलमान व गुजरात के कच्छ जिले के रापर निवासी पूनाभाई भरवाड और गिरोह के अन्य दो सदस्यों के विरुद्ध यह एफआईआर दर्ज की गई है। ये गिरोह कच्छ, महेसाणा, बनासकांठा, पंचमहाल, भावनगर और जामनगर जिले में संगठित होकर शराब की तस्करी, अवैध बिक्री में लिप्त है। इनके विरुद्ध गुजरात में प्रोहिबिशन के तहत 23 मामले दर्ज हैं। ये राज्य के सूचीबद्ध बुटलेगर हैं।
एसएमसी के तहत गिरोह के मुख्य सरगना अनिल उर्फ अनिल पांड्या जाट और पवन सिंह महेच्छा हैं। इन दोनों के विरुद्ध राजस्थान में हत्या, फिरौती, आर्म्स एक्ट, सरकारी कर्मचारियों पर हमले, आबकारी अधिनियम सहित अन्य धाराओं में 52 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। ये राजस्थान के बड़े गैंगस्टर हैं। गुजरात में 23 सहित अन्य सदस्यों के मिलाकर गिरोह के छह सदस्यों पर कुल 181 मामले दर्ज हैं। इनके विरुद्ध गुजसीटोक के तहत केस दर्ज करने के लिए बोर्डर रेंज आईजी की मंजूरी ली गई है। इसके तहत सात अप्रेल को एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले 31 जनवरी को गुजसीटोक का पहला मामला दर्ज किया गया था।
Published on:
07 Apr 2025 10:22 pm
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