अहमदाबाद. अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) ने भी राज्य में हार्टअटैक से मौत के बढ़ते मामलों को देख नवरात्रि के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरबा आयोजकों और खेलैयाओं को सुझाव दिया है कि हृदय, किडनी, मधुमेह, रक्तचात के मरीज लगातार गरबा ना खेलें। वे थोड़ी देर में आराम करके फिर गरबा खेलें। वहीं गरबा आयोजकों को गरबा स्थलों में मेडिकल टीम और एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।
एएमए के अध्यक्ष डॉ. तुषार पटेल ने बताया कि वर्तमान में जिस तरह से हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं उनके कई कारण हो सकते हैं। नमक, पोटेशियम मैग्नीशियम की मात्रा भी शरीर में असंतुलित होती है, जिससे रक्तचाप, मधुमेह, हृदय और किडनी की समस्याएं आदि हो सकती हैं। अन्य कारणों में आनुवंशिक व हृदय की मांसपेशियों की कमजोरी भी एक कारण हो सकता है। लेकिन लगातार गरबा थेलने से ब्लड प्रेशर, पल्स और शुगर की मात्रा में उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसके साथ लोग जंक फूड भी खाते हैं। ऐसे में गरबा खिलाड़ी को हृदय रोग और अचानक कार्डियक अरेस्ट का खतरा हो सकता है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए एक मार्गदर्शिका जारी की है। एएमए के सचिव डॉ. उर्वेश शाह के अनुसार गरबा के बड़े-बड़े आयोजकों को गरबा स्थल पर प्राथमिक सविधाओं के साथ-साथ चिकित्सा टीम की भी व्यवस्था करनी चाहिए।
गरबा खेलने से पूर्व अपने चिकित्सक से करें बात
एएमए के उपाध्यक्ष डॉ. मुकेश माहेश्वरी के अनुसार ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग जैसी बीमारियां हैं तो लंबे समय तक गरबा करने से बचना चाहिए। अपनी नियमित दवाएं लेना न भूलें। एक बार अपने डॉक्टर से मिलें और गरबा के लिए उनकी मंजूरी लें। नियमित व्यायाम न करने वाले 40 वर्ष से अधिक के व्यक्ति जिनके परिवार में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान, हृदय समस्याओं का इतिहास है, उन्हें गरबा खेलने से पूर्व हृदय की जांच करानी चाहिए। ट्रेड मिल टेस्ट (टीएमटी) कराना चाहिए।गरबा खेलते समय बार-बार पानी-नीबू पानी पिएं
गरबा खेलैयाओं को दिन में कम से कम 3 लीटर पानी पीना चाहिए। गरबा खेलते समय बार-बार पानी, नींबू पानी या जूस पीते रहें। पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर खाद्य पदार्थ लें। गरबा खेलने से पहले पेट भर कर भोजन न करें, संभव हो तो जंक फूड से बचना चाहिए। अगर गरबा खेलते समय चक्कर, सीने में भारीपन, सिरदर्द महसूस हो तो तुरंत गरबा खेलना बंद कर दें और बैठ जाएं। यदि फिर भी परेशानी हो तो चिकित्सक के पास जाएं।