script द्वारका में रचा इतिहास: 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारास | History created in Dwarka:37 thousand Ahiranis played Maharas together | Patrika News

द्वारका में रचा इतिहास: 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारास

locationअहमदाबादPublished: Dec 24, 2023 11:05:57 pm

Submitted by:

Rajesh Bhatnagar

हजारों लोगों ने उठाया अलौकिक नजारे का लुत्फ, कई विदेश से भी पहुंचे

द्वारका में रचा इतिहास: 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारास
37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारास
जामनगर. देवभूमि द्वारका जिले की ऐतिहासिक द्वारका नगरी में रविवार को इतिहास रचा गया। भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि पर रविवार को 37 हजार अहिरानियों ने पारंपरिक पोशाक में महारास खेलकर इतिहास रचा। महारास में प्रदेश के 24 जिलों सहित विभिन्न प्रांतों व विदेश से 37 हजार अहिरानियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले, शनिवार को भगवान द्वारकाधीश के जगत मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के समय 70 हजार से ज्यादा आहीरों ने मौजूद रहकर इतिहास रचाया।
अखिल भारतीय अहिराणी महारास संगठन की ओर से द्वारका में रविवार सुबह 5 बजे ब्रह्ममुहूर्त में 37,000 अहिरानियां रुक्मिणी मंदिर के पास नंदगाम परिसर के मैदान पर पहुंचीं। ब्रह्माकुमारी उषा ने गीता एवं नारी तू नारायणी का संदेश दिया। मैदान के मध्य में धर्म ध्वजा और तिरंगा फहराया गया।
ढाई घंटे तक खेला महारास

पारंपरिक पोशाक और सिर पर नवलखी चुंदड़ी और गले में सोने के आभूषण पहने 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने मायाभाई आहीर, अनिरुद्ध आहीर, सभीबेन आहीर, मैक्स आहीर, भावेश आहीर की धुन पर पारंपरिक महारास किया। रास सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो लगातार ढाई घंटे तक यानि सुबह 10.30 बजे तक चला। महारास को देखने के लिए 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। द्वारका पीठ के शंकराचार्य के प्रतिनिधि की ओर से शांति संदेश दिया गया।
पूरे देश में पहली बार इतनी संख्या में अहिरानियों का महारास

रविवार को गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे भारत से बड़ी संख्या में अहिरानियों ने महारास खेला और एक विश्व रिकॉर्ड बनाया। आयोजकों ने महारास का 500 एकड़ का विशेष मैदान बनाया। वहां एक साथ 50 हजार से ज्यादा महिलाएं रास खेल सकती थीं। फिलहाल 37 हजार से ज्यादा महिलाओं ने पंजीकरण करवाया और महारास खेला।
पहले घेरे में 168 महिलाएं, 68वें में 15 सौजिस स्थल पर महारास खेला गया उस मैदान की लंबाई लगभग पांच किलोमीटर थी। महारास में महिलाओं के 68 राउंड थे, जिसमें पहला राउंड 168 महिलाओं से शुरू हुआ और 68वें राउंड में 1500 महिलाएं थी। राउंड कुल 2 किमी लंबा था।
देवभूमि द्वारका जिले की ऐतिहासिक द्वारका नगरी में रविवार को इतिहास रचा गया। भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि पर रविवार को 37 हजार अहिरानियों ने पारंपरिक पोशाक में महारास खेलकर इतिहास रचा।

द्वारका में रचा इतिहास: 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारासअखिल भारतीय अहिराणी महारास संगठन की ओर से द्वारका में रविवार सुबह 5 बजे ब्रह्ममुहूर्त में 37,000 अहिरानियां रुक्मिणी मंदिर के पास नंदगाम परिसर के मैदान पर पहुंचीं। ब्रह्माकुमारी उषा ने गीता एवं नारी तू नारायणी का संदेश दिया। मैदान के मध्य में धर्म ध्वजा और तिरंगा फहराया गया।
द्वारका में रचा इतिहास: 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारासमहारास में प्रदेश के 24 जिलों सहित विभिन्न प्रांतों व विदेश से 37 हजार अहिरानियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले, शनिवार को भगवान द्वारकाधीश के जगत मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के समय 70 हजार से ज्यादा आहीरों ने मौजूद रहकर इतिहास रचाया।
द्वारका में रचा इतिहास: 37 हजार से अधिक अहिरानियों ने एक साथ खेला महारास

ट्रेंडिंग वीडियो