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रंगोत्सव: डाकोर में दो दिनों में साढ़े पांच लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

-जय रणछोड़, माखन चोर के नाद से गूंजा डाकोर, जगह-जगह बैरिकेडिंग, रास्ते में सेवा शिविर, गोमती घाट पर सुरक्षाकर्मियों का पहरा

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रंगोत्सव: डाकोर में दो दिनों में साढ़े पांच लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रंगोत्सव: डाकोर में दो दिनों में साढ़े पांच लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रंगों के उत्सव होली पर्व पर खेड़ा जिले के डाकोर में स्थित रणछोड़राय मंदिर में दर्शन का अनूठा महत्व है। दूर-दूर से लोग पैदल चलकर राजा रणछोड़ के दर्शन करने के लिए डाकोर पहुंचते हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रविवार के दिन चार लाख और सोमवार सुबह मंगला आरती के कुछ देर बाद तक में डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भगवान रणछोड़ के दर्शन किए। पूरा डाकोर शहर व डाकोर जाने वाले रास्ते इस समय जय रणछोड़, माखन चोर के नाद से गूंज रहे हैं। अहमदाबाद से लेकर डाकोर तक 80 किलोमीटर से ज्यादा लंबे रास्ते पर जगह जगह सेवा कैंप लगे हुए हैं।

डाकोर में होली पर्व पर दर्शन के लिए उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां जगह जगह बैरिकेडिंग की गई है। थोड़ी-थोड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के समूह को दर्शन के लिए मंदिर की ओर रवाना किया जाता है, ताकि भीड़ ना हो।

डाकोर शहर में प्रवेश करने के साथ ही बैरिकेडिंग शुरू हो जाती है, वहां से बड़ा बाजार, पुरुषोत्तम भुवन, जलाराम ढाळ, बोडाणा सर्कल से रणछोड़ राय मंदिर तक जगह जगह बैरिकेड लगाए हैं। यहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी तैनात हैं। मंदिर के पास स्थित गोमतीघाट पर भी लोग स्नान को व हाथ-पैर धोने को पहुंचते हैं, जिससे यहां पर भी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। शहर में जगह जगह प्रसाद के भी काउंटर लगाए गए हैं।

शामलाजी में कालिया ठाकोर के दर्शन को उमड़े भक्त

शामलाजी. होली पर्व पर अरवल्ली जिले में स्थित प्रसिद्ध यात्राधाम शामलाजी मंदिर में भी कालिया ठाकर (कालिया ठाकोर) के दर्शन को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमडे। केसुड़ा के रंगों से यहां होली खेली गई। चांदी की पिचकारी से भक्तों पर रंग बरसाया गया। मंदिर के पुजारी परेशभाई और विनयभाई ने भगवान का सफेद वस्त्र और सोने के आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया।