25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुजरात में होमगार्ड का वेतन पड़ोसी राज्यों से भी कम: दोशी

 कांग्रेस का आरोप: जीआईएसएफ के 'चौकीदारोंÓ को मिलते हैं सिर्फ पांच हजार

less than 1 minute read
Google source verification
congress

गुजरात में होमगार्ड का वेतन पड़ोसी राज्यों से भी कम: दोशी

अहमदाबाद. गुजरात की भाजपा सरकार दो दशकों से काबिज है, जहां 40 हजार होमगार्ड, हजारों पुलिस जवान, फायर ब्रिगेड, इंडस्ट्रीयल सिक्युरिटी फोर्स और नगरपालिका, महानगरपालिका व बोर्ड निगमों में तैनात सुरक्षा जवानों- चौकीदारों का आर्थिक शोषण हो रहा है। जहां गुजरात में होमगार्ड को पड़ोसियों राज्यों की तुलना में कम वेतन मिल रहा है। वहीं सरकारी इमारतों औ उद्योगों को सुरक्षा मुहैया कराने वाले गुजरात इंडस्ट्रीयल सिक्युरिटो फोर्स के सुरक्षा जवानों 'चौकीदारोंÓ को पांच हजार रुपए तक वेतन देकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। गुजरात कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोशी ने भाजपा के 'मैं भी चौकीदारÓ के प्रचार-प्रसार पर प्रहार करते यह आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि गुजरात को होमगार्ड जवानों को हररोज 300 रुपए और 4 रुपए वॉशिंग एलाउन्स अर्थात् 304 रुपए ही मिलते हैं। वह भी पिछले कई वर्षों से नियमित नहीं मिलते। अन्य राज्यों में होमगार्ड जवानों को 50 से 80 रुपए वॉशिंग एलाउन्स मिलते हैं और कई राज्यों में तो 90 रुपए परेड एलाउन्स, 35 रुपए पाकेट एलाउन्स और यात्राभत्ता प्रतिदिन दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात के होमगार्ड को यूनिफार्म भी नहीं मिलता। यात्राभत्ता भी समय से नहीं मिलता। गुजरात होमगार्ड के कर्मचारी सिर्फ मजदूर हैं। सरकारी सेवक या कर्मचारी नहीं हैं। इसके अलावा पुलिस महकमे में कई पद रिक्त हैं, जिसमें 30 महिला स्टेशनों में 1218 पद, 29 हजार 773 पुलिसकर्मी, 152 पुलिस निरीक्षक और 582 गैर हथियारधारी पुलिस उप निरीक्षक हैं।