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कैंसर ही नहीं, कई असाध्य रोगों से ग्रस्त मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत

अहमदाबाद के जीसीआरआई में प्रतिदिन ओपीडी में पहुंचते हैंं 100 से अधिक मरीज शेष जीवन की गुणवत्ता में होता है सुधार, हॉस्पिस एवं पेलिएटिव दिवस पर विशेष  

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कैंसर ही नहीं, कई असाध्य रोगों से ग्रस्त मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत

कैंसर ही नहीं, कई असाध्य रोगों से ग्रस्त मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत

अहमदाबाद. कैंसर के अंतिम स्टेज में जी रहे मरीजों को ही नहीं बल्कि हरेक असाध्य रोगों से ग्रस्त मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है। पैलिएटिव केयर मतलब मरीज के शेष जीवन को दर्दमुक्त रखकर उसे गुणवत्ता पूर्ण जीवन देने का प्रयास किया जाता है। देखा जाए तो कैंसर के अलावा किडनी, एचआईवी समेत कई ऐसे ही असाध्य रोगों में इस पदधिति की जरूरत होती है।विशेषज्ञों की मानें तो देश में कैंसर के लगभग 80 फीसदी मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है, लेकिन बहुत कम को यह सुविधा मिल पाती है। देश में कैंसर के अधिकांश मरीज तब सामने आते हैं जब बहुत देर हो जाती है। ऐसे में चिकित्सक चाहकर भी उपचार नहीं कर पाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक कैंसर के 80 फीसदी मरीजों का रोग असाध्य स्तर पर पहुंच जाता है। एचआईवी के 50 फीसदी और किडनी फैल्योर के 25 फीसदी मरीजों को पैलिएटिव केयर की जरूरत होती है। इस सबके बावजूद सभी लोगों को पैलिएटिव केयर की जरूरत पूरी नहीं हो पाती है।

जीसीआरआई के निदेशक डॉ. शशांक पंड्या के अनुसार पैलिएटिव केयर का दायरा बढाऩे और इससे जुड़ी सेवाओं का आदान-प्रदान करना जरूरी है। इसे ध्यान में रखकर अस्पताल में वर्ष 2017 से इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाता है। अस्पताल के चिकित्सक व अन्य चिकित्सा कर्मी घर पर भी जरूरतमंदों की सेवा करने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि पैलिएटिव केयर में होने वाले खर्च को सरकार न पीएमजेएवाई योजना में भी शामिल किया है। जिसका लाभ मरीजों को मिलने लगा है।

क्या है पैलिएटिव केयर

बीमारी का ऐ्सा स्तर जिसका उपचार चिकित्सक चाहकर भी नहीं कर पाते हैं लेकिन जीवन को दर्दमुक्त और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे असाध्य रोगों के मरीजों की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा आध्यात्मिक जरूरतों संबंधित समस्याओं का इस पद्धति से निराकरण करने का प्रयास किया जाता है। जरूरत होने पर मरीजों के घरों पर भी उपचार मुहैया कराया जाता है। दर्द प्रबंधन के अलावा लक्षणों के आधार पर ट्रीटमेंट किया जाता है। जीसीआरआई में पैलिएटिव केयर के लिए विशेष ओपीडी कार्यरत होती है। जिसमें प्रतिदिन लगभग 100 मरीज आते हैं।