अहमदाबाद

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी निर्यातक बनने का लक्ष्य रखना चाहिए : अमित शाह

India, world's biggest dairy exporter, Amit Shah, IDA, Gandhinagar, Gujarat

2 min read
भारत को दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी निर्यातक बनने का लक्ष्य रखना चाहिए : अमित शाह

केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनकर संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि सबसे बड़ा डेयरी निर्यातक बनने का लक्ष्य भी रखना चाहिए।

शाह ने शनिवार को गांधीनगर में भारतीय डेयरी संघ (आईडीए) के 49वें डेयरी उद्योग सम्मेलन के तीसरे और अंतिम दिन भारतीय डेयरी शिखर सम्मेलन में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हमारी दूध प्रसंस्करण क्षमता प्रतिदिन करीब 126 मिलियन लीटर है, जो दुनिया में सबसे अधिक है। वर्ष 1970 से 2022 तक भारत की जनसंख्या चार गुना बढ़ी वहीं दूध का उत्पादन दस गुना बढ़ा है। हमें दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक बनकर संतुष्ट नहीं होना चाहिए। हमें दुनिया का सबसे बड़ा डेयरी निर्यातक बनने का भी प्रयास करना चाहिए। एक दूसरी श्वेत क्रांति की जरूरत है और हम उस दिशा में काम कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार किसी भी अवसर को व्यर्थ जाने नहीं देगी।

गांवों में स्थापित की जा रहीं 2 लाख डेयरी सहकारी समितियां

केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक पिछले एक दशक में भारतीय डेयरी क्षेत्र में प्रति वर्ष 6.6% की वृद्धि हुई है। केंद्र सरकार गांवों में 2 लाख डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना कर रही है। ऐसा होने के बाद डेयरी क्षेत्र की वृद्धि 13.80% तक पहुंच जाएगी। वैश्विक दूध उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी 33% होगी। हमारा डेयरी निर्यात मौजूदा स्तर से कम से कम पांच गुना अधिक होगा।

शाह ने कहा कि डेयरी दुनिया के लिए एक व्यवसाय है, लेकिन भारत में, यह आजीविका का एक स्रोत भी है जहां 9 करोड़ परिवार डेयरी से सीधे जुड़े हुए हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, पोषण संबंधी चुनौतियों का समाधान करने और महिला सशक्तिकरण में भी बड़ा योगदान देता है।

देश के दूध उत्पादन में गुजरात की 20 फीसदी हिस्सेदारीइस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि छोटे डेयरी किसान भारतीय डेयरी क्षेत्र की असली ताकत हैं। गुजरात समग्र विकास का एक मॉडल रहा है। साथ ही देश के दूध उत्पादन में 20% हिस्सेदारी के साथ डेयरी उद्योग में भी अग्रणी है। डेयरी किसानों को मूल्यवर्धन पर ध्यान देना चाहिए। निरंतर विकास के लिए दूध और दूध उत्पादों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए।

27 साल के अंतराल के बाद गुजरात में आयोजित हुए इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 2700 से ज्यादा भारत और विदेशों के डेयरी विशेषज्ञ और व्यवसायी, डेयरी सहकारी समितियां, दूध उत्पादक, सरकारी अधिकारी, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और योजनाकार, शिक्षाविद और अन्य एक साथ एक ही प्लेटफार्म पर एकत्रित हुए थे।इस अवसर पर डॉ कुरियन अवॉर्ड, आईडीए पैट्रन अवॉर्ड और आईडीए फैलोशिप अवॉर्ड सहित प्रतिष्ठित पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

Published on:
18 Mar 2023 10:23 pm
Also Read
View All

अगली खबर