6 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा भारत से लगातार बढ रही हैं दुनिया की उम्मीदें, देश में महंगाई काबू में, राजकोट में सौराष्ट्र-कच्छ वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन

2 min read
Google source verification
PM Narendra Modi

Ahmedabad. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेज गति से आगे बढ़ रहा है। जो आंकड़े आ रहे हैं उससे यह साफ है कि भारत से दुनिया की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। वे रविवार को राजकोट के मारवाडी यूनिवर्सिटी में कच्छ-सौराष्ट्र वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश में महंगाई काबू में है। कृषि उत्पादन में भारत नए रेकॉर्ड बना रहा है वहीं दूध उत्पादन और जेनरिक मेडिसिन उत्पादन में भारत नंबर वन है। दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाने वाला देश भारत है।

उन्होंने कहा कि भारत का विकास रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म के मंत्र की सक्सेस स्टोरी है। बीते 11 वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा कंज्यूमर बना है वहीं भारत का यूपीआइ विश्व का नंबर वन रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन प्लेटफॉर्म बना है। कभी हम 10 में से 9 मोबाइल बाहर से मंगाते थे। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है। दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोस्टिम यहीं है। सोलर पावर जनरेशन, एविएशन मार्केट और मेट्रो के मामले में भी भारत दुनिया में टॉप 3 नेटवर्क में शामिल हो गया है।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत में अभूतपूर्व निश्चितता

मोदी ने कहा कि हर विशेषज्ञ, वैश्विक संस्था भारत को लेकर उत्साहित हैं। आइएमएफ भारत को ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बताता है और एसएनपी ने 18 सालों के बाद भारत की रेटिंग अपग्रेड की, वहीं फिट्स रेटिंग भारत की राजकोषीय विश्वसनीयता की प्रशंसा करती है। भारत पर दुनिया का यह भरोसा इसलिए है, क्योंकि बड़े वैश्विक अनिश्चितता के माहौल के बीच भारत में एक अभूतपूर्व निश्चितता का दौर है। आज भारत में राजनीतिक स्थिरता है और नीतियों में निरंतरता है। देश में नया मध्यम वर्ग का दायरा बढ़ रहा है जिनकी खरीद शक्ति बढ़ रही है। इन्हीं कारणों ने भारत को असीम संभावनाओं का देश बना दिया है।