
भारत में कुछ सालों में होंगे 10 हजार यूनिकॉर्न, यह सुनहरा अवसर: राजीव चंद्रशेखर
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि वे भविष्यवाणी करते हैं कि अगले कुछ वर्षों में 10 हजार यूनिकॉर्न होंगे। ये यूनिकॉर्न सेमीकंडक्टर डिजाइन और इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, व्यापक वेब3 और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्र में बनेंगे। हमारा (भारत सरकार का) उद्देश्य 10,000 यूनिकॉर्न तैयार करना है। इसके लिए भारत फिलहाल युवाओं को सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है।
यह बात उन्होंने गुरुवार को गांधीनगर में प्री वाइब्रेंट समिट कार्यक्रम के तहत आयोजित स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2023 में उभरते सितारे- भारत का यूनिकॉर्न क्लब और उनका प्रभाव विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में स्टार्टअप संस्थापकों के साथ बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि भारत आज सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में अपार अवसरों का प्रतिनिधित्व कर रहा है। प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र और व्यापक नवाचार अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में भारत ने अपना परचम लहराया है। स्टार्टअप, इनोवेशन के लिए तो सबसे अच्छा समय आना अभी बाकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि यह दशक भारतीय स्टार्टअप और प्रत्येक युवा भारतीय के लिए अवसरों का दशक होगा।
गांधीनगर में हेलीपैड प्रदर्शनी केंद्र में प्री-वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2023 में उन्होंने स्टार्टअप संचालकों के साथ निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं और प्रमुख सरकारी अधिकारियों से बातचीत की। इसमें इस बात पर जोर दिया कि स्टार्टअप भारत के विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2014 से मोदी सरकार की पहलों के कारण वर्तमान समय में स्टार्टअप के फलने-फूलने के अभूतपूर्व अवसर हैं।भारत
विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा कि हम विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था बन गए हैं। इस परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आज, भारतीय अर्थव्यवस्था और इसके भविष्य के विकास को युवा भारतीयों द्वारा महत्वपूर्ण रूप से तैयार किया जा रहा है। उन्होने कहा कि भारत के परिवर्तन का चालक डिजिटलीकरण है। प्रौद्योगिकी देश के समग्र विकास के लिए उत्प्रेरक रही है।
उन्होंने कहा, भारतीय अर्थव्यवस्था पर कुछ समूह का वर्चस्व था और उनके नियमों का पालन करते हुए अर्थव्यवस्था में गिरावट आई। हालांकि आज, हमारी अर्थव्यवस्था भारत के तकनीकी अवसरों द्वारा आकार लेने के लिए तैयार है। ज्ञात हो कि वर्ष 2026 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था सकल घरेलू उत्पाद का पांचवां हिस्सा या 20% तक होने का अनुमान है, जो 2014 के आंकड़ों के हिसाब से एक महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
Published on:
07 Dec 2023 10:49 pm
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