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आरबीआई, सीबीआई के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, ताइवान के चार नागरिकों सहित 17 को पकड़ा

देश भर में 450 से ज्यादा लोगों को लगाई चपत, कॉल सेंटर के नाम पर कई शहरों में बनाए थे सेटअप केन्द्र, मुख्य आरोपी ताइवान का मार्क

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अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने सीबीआई, मुंबई साइबर क्राइम, आरबीआई और टीआरएआई (ट्राई) के अधिकारी बनकर लोगों को एक तरह से डिजिटल अरेस्ट कर ऑनलाइन ठगने वाले शातिर अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में ताइवान के चार नागरिकों सहित 17 आरोपियों को पकड़ा गया। गिरोह ने देशभर में 450 से ज्यादा लोगों को चपत लगाने का खुलासा हुआ है। यह संख्या एक हजार होने की आशंका है।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के जेसीपी शरद सिंघल ने संवाददाताओं को बताया कि इसी गिरोह ने शहर साइबर क्राइम में सितंबर महीने में दर्ज 80 लाख रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया था।आरोपियों ने सीनियर सिटीजन को उनका मोबाइल नंबर प्रतिबंधित एडवरटाइजिंग में उपयोग में होने से मुंबई के भायखल्ला थाने में एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर धमकाया। ट्राई, साइबर क्राइम ब्रांच, आरबीआई के अधिकारी बनकर फोन, वीडियो कॉल करके एक तरह से डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में रखा और 80 लाख ठग लिए थे।

दो ताइवानी को दिल्ली, अन्य दो को बेंगलूरु से पकड़ा

सिंघल ने बताया कि इस मामले में दो ताइवानी नागरिक मुची संग उर्फ मार्क (42) और चांग हाव युन उर्फ मार्को (33) को दिल्ली के ताज होटल से पकड़ा है। ये दोनों ताइवान से दिल्ली पहुंचने के बाद होटल में ठहरे थे। उन्होंने बताया कि इस पूरे ठगी नेटवर्क गिरोह का मुख्य आरोपी मार्क है। अन्य दो ताइवानी नागरिक वांग चुन वेई उर्फ सुमोका (26) और शेन वेई उर्फ क्रिश (35) को बेंगलूरु से पकड़ा है। इसके अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत , लीमबड़ी, मुंबई, ओडिशा के कटक, दिल्ली, बेंगलूरु, राजस्थान के डूंगरपुर में दबिश देकर 13 और आरोपियों को पकड़ा है।

वडोदरा के 2, सूरत के 4, राजस्थान के 2 सहित 13 को पकड़ा

इस मामले में 13 लोग भी पकड़े गए हैं। इनमें गुजरात के वडोदरा जिले के तरसाली गांव निवासी जयेश सुथार (35) व वाघोडिया निवासी भावेश कुमार सुथार (30) शामिल हैं। सुरेद्रनगर जिले के वढवाण के वायरमैन कल्पेश रोजासरा (32) को भी पकड़ा है।आरोपियों में सूरत में पासोदरा पाटिया के रवि सवाणी (30), कामरेज के सुमित मोरडिया (29), वराछा के प्रकाश गजेरा (28), नाना वराछा के पीयुष मालविया (28) भी शामिल हैं। वहीं राजस्थान के जालौर जिले की झालोर तहसील के दातवाडा गांव और हाल में वडोदरा के तरसाली में रहने वाले लिलेश प्रजापति (33) और राजस्थान के जालौर जिले की रानीवाडा तहसील के रावसिमनगढ़ गांव के मूल निवासी और अभी तमिलनाडु में कोयम्बटूर निवासी प्रवीण पंचाल (24) भी पकड़े गए आरोपियों में शामिल हैं। इसके साथ ही इन आरोपियों में ओडिशा के चैतन्य उर्फ लकी सेट्टी (29), महाराष्ट्र के थाणे निवासी सर्वेश पवार (25) व यहीं के यश मोरे (20), झारखंड मूल के और अभी नई दिल्ली के गोविंदपुरी निवासी सैफ हैदर उर्फ सेम सिद्दिकी (29) शामिल हैं।