Ishrat encounter, Police officer, Dishcharge, CBI court, Ahmedabad
अहमदाबाद. इशरत जहां मुठभेड़ प्रकरण में सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में आरोपी तीन पुलिस अधिकारियों को आरोप मुक्त कर दिया। इससे पहले चार अन्य पुलिसकर्मियों ने भी आरोप मुक्ति की याचिका दायर की थी जिसे मान्य रखा गया था। इस मामले में वर्ष 2019 में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी व तत्कालीन डीआईजी डी जी वंजारा और सेवानिवत्त पुुलिस उपायुक्त एन के अमीन को पहले ही आरोप मुक्त किया जा चुका है। इससे पहले वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त प्रभारी डीजीपी पी पी पांडे को आरोप मुक्त किया गया था। एक अन्य पुलिसकर्मी जे जी परमार की मौत हो चुकी है।
यह था मामला
उल्लेखनीय है कि 15 जून 2004 को अहमदाबाद के कोतरपुर वाटर वक्र्स के पास मुंबई की 19 वर्षीय इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लई, अमजद अली राणा और जीशान जौहर को मुठभेड़ में मारा गया था। क्राइम ब्रांच के मुताबिक ये सभी लश्कर-ए-तोईबा के आतंकी थे जो गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या के इरादे से आए थे। इस मामले में इशरत की माता ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था।