22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Loard Gagannnath Rath Yatra : 37वीं रथयात्रा: भावनगर में दो साल बाद फिर से गूंजेगा जय जगन्नाथ का उद्घोष

अषाढ़ी दूज रथयात्रा की तैयारी लगभग पूरी पूर्व राजघराना परिवार करेगा पहिन्द विधि

2 min read
Google source verification
Loard Gagannnath Rath Yatra : 37वीं रथयात्रा: भावनगर में दो साल बाद फिर से गूंजेगा जय जगन्नाथ का उद्घोष

Loard Gagannnath Rath Yatra : 37वीं रथयात्रा: भावनगर में दो साल बाद फिर से गूंजेगा जय जगन्नाथ का उद्घोष

राजकोट. सौराष्ट्र के भावनगर में पिछले 36 वर्ष से अषाढ़ी दूज पर निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा इस साल भी एक जुलाई को धूमधाम से निकलेगी। श्री जगन्नाथजी रथयात्रा महोत्सव समिति ट्रस्ट की ओर से इसकी भव्य तैयारी की गई है। इस बार 37वीं रथयात्रा निकाली जाएगी। अषाढ़ी दूज के उपलक्ष पर शुक्रवार को सुबह आठ बजे भावनगर में भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा की मूर्तियों को शास्त्रोक्त विधि से स्थापना कर पूजा-आरती की जाएगी। संतों, महंतों, महामंडलेश्वर और गणमान्य अतिथियों की मौजूदगी में भावनगर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य विजयराज सिंह और जयवीरसिंह के हाथों पहिन्द विधि कर रथयात्रा को प्रस्थान कराया जाएगा।

रथयात्रा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष हरू गोंडलिया ने बताया कि परंपरागत रूप से काष्ठ (लकड़ी)के रथ में भगवान को विराजित किया जाएगा। इस साल रथयात्रा को विभिन्न सोशल साइट से लाइव दिखाया जाएगा।
समिति के महामंत्री मनसुख पंजवाणी ने बताया कि भगवान का वस्त्र वर्षों से परंपरागत रूप से बनाया गया है। पिछले कई वर्षों से भगवान के वस्त्र बना रहे हरजीवन दाणीधारीया ने इस साल भी सेवा प्रदान की।
उन्हें भगवान के वस्त्र और साफा के कपड़े रथयात्रा समिति के मंत्री करशन वसाणी परिवार की ओर से दी गई। इसके अलावा भगवान का कलात्मक साफा बनाने की सेवा प्रफुला राठौड़, कालियाबीडवाला की ओर से प्राप्त हुआ।

घरों के बाहर लगा रहे ध्वज-पताका
रथयात्रा समिति के मंत्री करशन वसाणी ने बताया कि पिछले दो वर्षों से कोरोना महामारी केे कारण परंपरागत रथयात्रा नहीं निकाली गई थी। इस साल पूरे उत्साह-उमंग के साथ रथयात्रा के जरिए भगवान का प्रत्यक्ष दर्शन होगा। इसे लेकर लोगों में उत्सव का माहौल है। लोग भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धापूर्वक राह देख रहे हैं। सभी अपने-अपने क्षेत्र में ध्वजा, पताका, रोशनी समेत अन्य सजावटी चीजों से रथयात्रा के रूट को शृंगारित करने में जुटे हैं। वहीं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं भी जगह-जगह प्रसाद, शरबत, छाछ, चने और अलग-अलग प्रसाद तैयार कर इसे वितरित करने की व्यवस्था कर रहे हैं।

3 सौ किलो चने का प्रसाद होगा वितरित
समिति के अन्य अग्रणी अनिरुद्ध गोहिल ने बताया कि रथयात्रा में भगवान के प्रसाद के रूप में हर साल की तरह इस साल भी 3 टन चने का प्रसाद तैयार किया गया है। रथयात्रा में मंत्री जीतू वाघाणी, पूर्व मंत्री विभावरी दवे, भावनगर की सांसद भारती शियाल, पूर्व सांसद राजेन्द्र सिंह राणा, मेयर कीर्ति दाणीधारिया आदि मौजूद रहेंगी। रथयात्रा में अलग-अलग आकर्षण जिसमें मिनी ट्रेन, नासिक-ढोल, तोप आदि रथयात्रा में शामिल होगा। इसके अलावा रथयात्रा के आगे रंगोली बनाई जाएगी। जैसे-जैसे रथयात्रा आगे बढ़ेगी उसी तरह आगे-आगे रंगोली सजाई जाएगी।