अहमदाबाद. एशिया के सबसे बड़े Ahmedabad’ Civil Hospital अहमदाबाद सिविल अस्पताल में बुधवार को 95वें अंगदाता (95th organ donor)के रूप में Kishan vaghela किशन वाघेला का नाम जुड़ गया। 52 वर्षीय वाघेला को पिछले दिनों वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद यहां सिविल अस्पताल में दाखिल किया गया, लेकिन गहन उपचार से भी स्थिति में सुधार नही हुआ। उचित जांच के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। इसके बाद परिजनों की स्वीकृति से किशन के दो किडनी और लिवर का दान किया गया।
गांधीनगर निवासी किसन वाघेला एक सडक़ दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर किया गया। जहां तीन दिन के गहन उपचार के बाद चिकित्सकों ने ब्रेन डेड घोषित किया। अस्पताल में कार्यरत टीम ने किसन के परिजनों को अंगदान के संबंध में जानकारी दी। परिजनों की स्वीकृति पर किसन के तीन अंग दान में मिले। इनमें से दो किडनी को इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित किया, जबकि लिवर को शहर के जायडस (निजी) अस्पताल पहुंचाया गया।
सिविल अस्पताल की अंगदान प्रवृति से मिल रही है प्रेरणा
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक Dr. Rakesh Joshi डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि अंगदान की प्रवृति सारथी का काम कर रही है। इससे अन्य राज्यों के अस्पतालों को भी प्रेरणा मिल रही है। गुजरात के निजी अस्पताल भी इस तरह की मानवीय सेवा से जुड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में अब तक ब्रेन डेड होने वालों में से 95 दाता बने हैं। इनसे मिले 298 अंगों में से 276 को प्रत्यारोपित कर लोगों को नया जीवन मिला है।