
Lata Mageshkar: लता ने कई गुजराती व गरबा के गीतों को दी अपनी आवाज, माता थीं गुजराती
अहमदाबाद. स्वर कोकिला लता मंगेशकर का कई मायनों में गुजरात से जुड़ाव था। उन्होंने कई गुजराती गीतों के साथ-साथ गरबा की गीतों को अपनी आवाज दी। लता का ननिहाल गुजरात में था। उनकी माता शेवंती गुजराती थीं। उनके नाना शेठ हरिदास रामदास तापी नदी के निकट बसे थलनेर नगर के थे, जो बांबे प्रेसिडेन्सी का हिस्सा हुआ करता था। यह अब महाराष्ट्र के धुले के उत्तर पूर्व में है। उनके नाना बहुत बड़े व्यापारी और जमीनदार थे।
लता की पहली माता नर्मदाबेन थीं। कुछ ही वर्षों में नर्मदाबेन क ेनिधन हो जाने के बाद लता के पिता दीनानाथ मंगेशकर ने नर्मदाबेन की बहन बहन शेवंती से विवाह किया था।
लता ने पावागढ़ और अन्य गाने अपनी नानीमां के यहां सीखे थे। उनके गाए कई गरबे पर नवरात्रि में लोग झूमते हैं। इनमें से एक गरबा ‘मेहंदी वाळी तो मालवे एनो रंग गयो गुजरात रे, मेहंदी रंग लागयो’ पर पूरा गुजरात झूमता है। उनका गाया मार्मिक गीत ‘दीकरी तो पारकी थापण केवाय’ आज भी लोगों मेंं आंसू ला देता है।
लता चाहती थीं मोदी बनें प्रधानमंत्री
लता मंगेशकर ने प्रधानमंत्री व तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर लेकर जो बात कही थी वह बाद में सच साबित हुई। लता ने नवम्बर 2013 में अपने पिता की स्मृति में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण समारोह के दौरान कहा था कि वे मोदी को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। यही सभी चाहते हैं। इस हॉस्पिटल का लोकार्पण गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी ने किया था। लता हमेशा उन्हें भाई कहकर संबोधित करती थीं। तब उन्होंने कहा था कि उनका आशीर्वाद उनके साथ है। वे उन्हें गुजराती गीतों के रिकॉर्ड भेजती हैं। लता ने वर्ष 2019 में भी प्रधानमंत्री मोदी के देश के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने पर माता हीराबा शुभकामना पत्र भेजा था।
Published on:
06 Feb 2022 10:22 pm

