
जगत के नाथ आज निकलेंगे नगर भ्रमण पर
अहमदाबाद. शहर में भक्ति भाव के माहौल के बीच गुरुवार अषाढ़ी दूज के अवसर पर भगवान जगन्नाथ की १४२वीं रथयात्रा निकाली जाएगी। शहर के जमालपुर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से सुबह सात बजे भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व दाऊ बलराम परंपरागत मार्ग पर नगर भ्रमण को निकलेंगे। ओडिशा के जगन्नाथ पुरी के बाद देश में अहमदाबाद की रथयात्रा को दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा मानी जाती है।
शहर में रथयात्रा को लेकर भक्तों में उत्साह का माहौल है। 'जय रणछोड़-माखनचोर" व 'हाथी-घोड़ा-पालकी जय कन्हैयालाल की" के नारों से भक्त अहमदाबाद को गुंजायमान करेंगे।
इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह सुबह चार बजे मंदिर में मंगला आरती करेंगे। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एवं उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल पहिंद विधि कर रथयात्रा का प्रारंभ कराएंगे। पहिंद विधि के तहत भगवान के रथ के पथ पर सोने के झाड़ू से सफाई की जाती है। इस विधि के बाद रथयात्रा को प्रस्थान कराया जाएगा। रथयात्रा की कड़ी सुरक्षा के लिए 2५ हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।
इस रथयात्रा की अगुवाई १७-१८ सजे धजे गजराज करेंगे। इसके बाद भारतीय संस्कृति की झांकियों से सजे १०१ ट्रक, हैरतअंगेज करतब दिखाकर भगवान को रिझाते हुए ३० अखाड़े, १८ भजन मंडलियों के साथ-साथ ३ बैंड बाजे शामिल होंगे। इसके पीछे भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं दाऊ बलराम के रथ होंगे। इन रथों को साधु-संत एवं भक्तों के साथ-साथ करीब १२०० से अधिक खलासी खींचेंगे। रथयात्रा में हरिद्वार, अयोध्या, नासिक, उज्जैन, जगन्नाथपुरी एवं सौराष्ट्र सहित देशभर के दो हजार से अधिक साधु-संत भाग लेंगे।
मंगला आरती के बाद सुबह साढ़े चार बजे भगवान को विशिष्ट भोग लगाया जाएगा। इसमें खिचड़ी, कद्दू और ग्वारफली की सब्जी एवं दही होगा। सुबह ५ बजे आदिवासी नृत्य व रास गरबा व भगवान की आंखों पर बंधी पट्टी खोलने की विधि होगी। पौने छह बजे भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं दाऊ बलराम को अलग-अगल रथों पर बिठाया जाएगा। इसके बाद ७ बजे मुख्यमत्री विजय रूपाणी एवं उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल रथों को खींचकर पहिंद विधि करेंगे।
तीस हजार किलो मूंग का प्रसाद
रथयात्रा के दौरान तीस हजार किलो मूंग, पांच सौ किलो जामुन, चार सौ किलो ककड़ी, दाड़म एवं दो लाख उपरणा (दुपट्टे) प्रसाद के रूप में बांटे जाएंगे। मंदिर की वेबसाइट पर भक्त ऑन लाइन रथयात्रा के दर्शन का लाभ ले सकेंगे।
रथों की पूजा
बुधवार को मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ के रथ नंदीघोष, बहन सुभद्रा के रथ पद्यध्वज व दाऊ बलराम के रथ तलध्वज की पूजा की गई। इससे पूर्व, बुधवार सुबह भगवान का स्वर्णवेश श्रृंगार किया गया।
Published on:
03 Jul 2019 10:37 pm
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