
अहमदाबाद में संवाददाताओं को जानकारी देते गुजरात एटीएस के एसपी के सिद्धार्थ , साथ हैं अन्य अधिकारी।
Ahmedabad. गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम ने राजस्थान के बाड़मेर जिले में कार्रवाई करते हुए 25 करोड़ के कीमत की मेथाएम्फेटामाइन ड्रग्स (एमडी ड्रग्स) जब्त किया। राजस्थान एटीएस के साथ मिलकर किए गए इस ऑपरेशन में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों में शंकरराम मेघवाल और सलमान नोड शामिल है। ये दोनों राजस्थान के बाड़मेर जिले की रामसर तहसील के सजन का पार के रहने वाले हैं।
गुजरात एटीएस के पुलिस अधीक्षक के. सिद्धार्थ ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि उनकी टीम के एक पुलिस निरीक्षक (पीआइ) को सूचना मिली थी कि राजस्थान के दो व्यक्ति राजस्थान के पाकिस्तान से सटे क्षेत्र से एमडी ड्रग्स लेकर उसकी डिलिवरी करने के लिए जा रहे हैं। यह ड्रग्स सीमा पार पाकिस्तान के एक स्मगलर की ओर से भेजी गई है।
इस सूचना के आधार पर एक टीम गठित की गई। इस टीम ने राजस्थान जाकर एटीएस से यह जानकारी साझा की। इसके बाद गुजरात और राजस्थान के एटीएस की संयुक्त टीम गठित कर राजस्थान के जैसलमेर से गुजरात के बनासकांठा जिले को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे नंबर 68 पर सघन पेट्रोलिंग की गई। नाकाबंदी भी कर जांच की गई। इस दौरान सोमवार शाम को वाहनों की जांच के दौरान एक शंकास्पद वैन को रोककर उसकी जांच की गई।
जांच करने पर वैन के अंदर पीले रंग की पांच थैलियों में शंकास्पद पदार्थ मिला। इस पदार्थ की किट से जांच करने पर प्राथमिक जांच में इसके एमडी ड्रग्स होने की पुष्टि हुई जिसका वजन पांच किलोग्राम पाया गया। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 25 करोड़ है। इस पर एटीएस की टीम ने वैन में सवार दोनों ही व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए इन दो आरोपियों में एक का नाम शंकरराम मेघवाल है, जबकि दूसरे का नाम सलमान नोड है। यह दोनों ही राजस्थान के बाड़मेर जिले की रामसर तहसील के सजन का पार के रहने वाले हैं।
एसपी के सिद्धार्थ ने बताया कि आरोपियों के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। मोबाइल फोन की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान के थारपारकर इलाके में रहने वाले मसात मुबारक नामक ड्रग्स तस्कर के संपर्क में थे। इनकी वॉट्सएप पर उससे चैटिंग, कॉल और वीडियो कॉल के भी सबूत मिले हैं। मसात की ओर से ही पाकिस्तान से सीमा पार बाड़मेर जिले में इस एमडी ड्रग्स को किसी तरह से ड्रॉप किया गया था। ड्राॅप किए गए जगह की लोकेशन इन दोनों को दी गई थी, जहां से इन दोनों ने इस ड्रग्स को लिया। इसके बाद ये मसात के बताए अनुसार किसी व्यक्ति को सौंपने वाले या किसी जगह रखने वाले थे।
के. सिद्धार्थ ने बताया कि इस मामले में बाडमेर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले की आगे की जांच राजस्थान पुलिस करेगी। आरोपी और मुद्दामाल राजस्थान पुलिस को ही सौंपा गया है।
Published on:
07 Apr 2026 11:08 pm
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