25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वजन कांटे में चिप से २६ टन कबाड़ का वजन ८ टन घटा!

दूसरे वजन कांटे पर वजन कराने पर खुली पोल, मामला दर्ज, मेट्रो ट्रेन का निर्माण करने वाली कंपनी ने दर्ज कराया मामला

2 min read
Google source verification
fraud

वजन कांटे में चिप से २६ टन कबाड़ का वजन ८ टन घटा!

अहमदाबाद. अहमदाबाद मेट्रो ट्रेन रूट के निर्माण कार्य में घोटाले का मामला सामने आने के बाद अब इस कार्य के दौरान निकलने वाले लोहे के कबाड़ की खरीदी में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है।
कबाड़ खरीदी का दिल्ली निवासी जिस युवक को मेट्रो का काम करने वाली कंपनी की ओर से ठेका दिया गया है। उस युवक की ओर से वजन कांटे में चिप लगाकर कबाड़ के वजन में ८ से नौ टन कम वजन बताकर ठगी करने की बात सामने आई है। ट्रक में २६ टन कबाड़ होने के बावजूद भी चिप के जरिए किसी प्रकार से उसका वजन आठ से नौ टन कम बताकर कंपनी को चूना लगाया जा रहा था। शंका होने पर दूसरे वजन कांटे पर ट्रक में भरे कबाड़ का वजन कराया तो उसमें पूरा वजन निकला और पोल खुली।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वासणा से शिवरंजनी चार रास्ते तक मेट्रो ट्रेन को बनाने का ठेका आईएल एंड एफएस इंजीनियरिंग को मिला है। इसके इंजीनियर सुबोध नायक ने रविवार को दिल्ली निवासी इकरार मुल्ला, नारोल में स्थित वे ब्रिज (वजन कांटे) पर काम करने वाले कर्मचारी शैलेन्द्र कुमार और वीर प्रकाश के विरुद्ध ठगी और विश्वासघात का मामला दर्ज कराया है।
इसमें आरोप है कि तीनों ने मिलीभगत करके आर्थिक लाभ लेने के लिए वजन कांटे की मशीन में कोई चिप लगा दी। जिसके चलते कंपनी की ओर से ट्रक भर कर भेजा जाने वाला २६ टन कबाड़ का वजन यह चिप के जरिए आठ से नौ टन कम बताते थे। ऐसा करके इन्होंने कंपनी को करीब नौ लाख की आर्थिक चपत लगाई। शंका होने पर छह जुलाई और सात जुलाई को भी ट्रक में भेजे गए कबाड़ का वजन कम बताने के बाद ११ जुलाई को भी जब ट्रक में भेजे गए कबाड़ का वजन कम बताया तो दूसरे कांटे पर वजन कराया। उसमें पूरा वजन निकला। इसमें पोल खुली। नारोल पुलिस ने इस मामले में तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।