
Millet Festival
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भविष्य प्राकृतिक खेती और मिलेट यानी मोटे अनाज का है। श्री अन्न कहे जाने वाले मिलेट सभी आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। आहार में इनका में अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
वे अहमदाबाद में आयोजित राज्यस्तरीय मिलेट महोत्सव के तहत लगाई प्राकृतिक कृषि , मिलेट उत्पाद की प्रदर्शनी में स्टोल का दौरा करने पहुंचे थे। उनके साथ लेडी गवर्नर दर्शना देवी ने भी स्टॉल का निरीक्षण किया।राज्यपाल ने मिलेट महोत्सव के समापन समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राकृतिक खेती को राष्ट्रीय मिशन के रूप में स्थापित किया है। किसान, भूमि और उपभोक्ता इन तीनों के स्वास्थ्य के लिए मिलेट और प्राकृतिक खेती के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मिलेट के महत्व को समझना आवश्यक है। यदि किसान प्राकृतिक और मिलेट की खेती करें और शहरी तंत्र मिलेट के लिए बाजार की व्यवस्था करे, तो पोषक आहार को हर व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। मिलेट की खेती से जल और पर्यावरण दोनों की बचत होती है।
गेहूं-चावल की कई किस्मों में पोषक तत्वों की कमीराज्यपाल ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि चावल और गेहूं की कई प्रजातियों में 45 प्रतिशत तक पोषक तत्वों की कमी देखी गई है। हाइब्रिड बीज, यूरिया खाद और डीएपी का अत्यधिक उपयोग इस पोषण की कमी का मुख्य कारण है। ऐसे अनाजों में कैंसर कारक तत्व होते हैं, जो केवल पेट भरते हैं, लेकिन पोषण नहीं देते। उन्होंने कहा कि अनाज की गुणवत्ता लगातार गिर रही है। शरीर को स्वस्थ और रोग प्रतिरोधक बनाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर दैनिक आहार अनिवार्य है।
राज्यपाल ने मिलेट महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि मिलेट महोत्सव के फूड स्टॉल्स के माध्यम से स्वाद के साथ पोषण प्रदान करने का बेहतरीन प्रयास किया गया है। इस अवसर पर अहमदाबाद की महापौर प्रतिभा जैन, कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अंजू शर्मा, गुजरात एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक विजय खराड़ी, अहमदाबाद के कलक्टर सुजीत कुमार, जिला विकास अधिकारी विदेह खरे समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
Published on:
09 Feb 2025 10:38 pm
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