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कृषि-वस्त्र मंत्रालय संवाद सेतु व्यवस्था गठित होगी-ईरानी

केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि खेती एवं कपड़ा एक दूसरे के पूरक हैं। इससे देश के किसानों के

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Mukesh Kumar Sharma

Jul 03, 2017

ahmedabad

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गांधीनगर।केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि खेती एवं कपड़ा एक दूसरे के पूरक हैं। इससे देश के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कृषि एवं वस्त्र मंत्रालय के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए स्थायी संवाद सेतु व्यवस्था गठित की जाएगी। वह रविवार को गांधीनगर में टेक्सटाइल इण्डिया-2017 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रही थीं।

ईरानी ने देश-विदेश के टेक्सटाइल उद्यमी-विशेषज्ञों एवं किसानों की उपस्थिति में 'प्राकृतिक रेसों का उत्पादन एवं विविधिता क्षेत्रों में मौजूद समस्याÓ विषय पर आयोजित सेमिनार के सम्बोधन में कहा कि कपड़ा के साथ कृषि क्षेत्र जुड़ा है।

इससे कपड़ा उद्योग के विकास के फायदे कृषि क्षेत्र को हासिल होंगे। देश में कपास, रेशम, शन, केला, अनानास एवं रेमी आदि प्राकृतिक रेशों का उत्पादन बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसी पर चर्चा-विचार विमर्श के लिए पहली टेक्सटाइल कान्फें्रस आयोजित हुई है, जिसमें 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार ने कपड़ा मंत्रालय के विकास में नए आयाम हासिल किए हैं।

किसानों की सुदृढ़ता से मजबूत होगा देश : सिंह

केन्द्रीय कृषिमंत्री राधा मोहन ने सिंह ने सेमिनार के सम्बोधन में कहा कि मानव जीवन में रोटी, कपड़ा और मकान मूलभूत तीन जरूरतें हैं। वस्त्र मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक विभिन्न प्रकार से जीवन का हिस्सा बनता है। वर्तमान में देश में कपास सहित प्राकृतिक रेसों का उत्पादन एवं मांग बढ़ रही है। पिछले तीन साल में मानसून की अनियमितता के बीच भी उत्पादन में कमी नहीं आई है। किसानों की सुदृढ़ता से देश मजबूत होगा।

गुजरात में वैज्ञानिक तरीके से हुए कृषि विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश के अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में सॉयल हेल्थ कार्ड (मृदा तासीर कार्ड)के जरिए कृषि क्षेत्र में चमत्कार सृजित किया था। गुजरात के कृषि विकास के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति मिली है।
वर्ष 2014 तक देश में सिर्फ 15 सॉयल हेल्थ टेस्टिंग लेबोरेटरी थीं, जो बढ़कर अब नौ हजार के करीब हो गई हैं। देश के नौ करोड़ से ज्यादा किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड दिए गए हैं। किसान कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की लैण्ड लीजिंग नीति से देश में खेती योग्य क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई है। कृषि उत्पादन भी बढ़ा है।