
Naroda Gam massacre case: सभी 69 आरोपी बरी
Naroda Gam massacre case: All 69 accused acquitted
नरोडा गाम दंगा प्रकरण में एसआईटी की विशेष अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए सभी 69 आरोपियों को बरी कर दिया। इनमें राज्य की पूर्व मंत्री माया कोडनानी, बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी व विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता जयदीप पटेल भी शामिल हैं। गुजरात में गोधरा कांड प्रकरण के बाद 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद के नरोडा गाम इलाके में भ़ड़के दंगे में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी।
विशेष जज एस के बख्शी ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। इस मामले में कुल 86 आरोपी थे, लेकिन मुकदमे के दौरान 16 की मौत हो गई वहीं एक आरोपी को आरोपमुक्त कर दिया गया था। इस तरह 69 आरोपियों पर मुकदमा चला। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 187 गवाहों और बचाव पक्ष ने 57 गवाहों का परीक्षण किया।
घटना के 21 वर्ष बाद आया फैसलाइस मामले में घटना के 21 वर्ष बाद फैसला आया। वहीं इस मामले में वर्ष 2009 में मुकदमा शुरु हुआ जो 14 वर्ष तक चला। सभी आरोपी जमानत पर थे। इससे पहले अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए गत सप्ताह फैसले की तारीख गुरुवार तय की थी। इससे पहले अदालत ने गत 5 अप्रेल को सुनवाई पूरी कर ली थी। इस मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए गत सप्ताह फैसले की तारीख गुरुवार तय की थी।
हत्या व दंगा सहित अन्य कई आरोप थे
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना), 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत मुकदमा चला।
यह था मामला
27 फरवरी 2002 को गोधरा में ट्रेन आगजनी की घटना में अयोध्या से लौट रहे 58 यात्रियों की मौत के एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को अहमदाबाद शहर के नरोडा गाम इलाके में दंग भड़का था। इस घटना में 11 लोग मारे गए थे।
अमित शाह ने दी थी गवाही
इस मामले में माया को़डनानी के गवाह के रूप में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष व वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह ने गवाही दी थी।
जय श्री राम व भारत माता जय के लगे नारे
अदालत का फैसला आने के बाद अदालत परिसर के बाहर आरोपियों के परिजनों ने जय श्री राम व भारत माता की जय के नारे लगने लगे। आरोपियों के परिजनों की आंख में खुशी के आंसू दिख रहे थे। फैसले के बाद आरोपियों व उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
सभी 9 मामलों में आया फैसला
सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देश पर वर्ष 2008 में गोधरा कांड सहित 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े 9 मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। साथ ही इन मामलों की सुनवाई के लिए एसआईटी अदालत का गठन किया गया था।नरोडा गाम दंगा प्रकरण के अलावा 8 अन्य मामलों में गोधरा ट्रेन आगजनी प्रकरण व दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का यह 9वां मामला है जिसका फैसला आया है। इससे पहले गोधरा ट्रेन आगजनी प्रकरण, अहमदाबाद के गुलबर्ग सोसाइटी दंगा प्रकरण व नरोडा पाटिया दंगा प्रकरण, साबरकांठा जिले के प्रांतिज में 3 ब्रिटिश नागरिकों की हत्या प्रकरण, आणंद जिले के ओ़ड के दो दंगा मामलों, मेहसाणा के विसनगर व सरदारपुरा दंगा प्रकरण में फैसला आ चुका है।
Published on:
20 Apr 2023 11:26 pm
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