
Naroda gam riots case: विशेष अदालत के फैसले को एसआईटी देगी गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती
Naroda gam riots case: SIT to challenge acquittals in Guj high court
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) नरोडा गाम दंगा प्रकरण में विशेष अदालत की ओर से दिए गए फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देगी। गत 20 अप्रेल को इस मामले में विशेष अदालत ने सभी 67 आरोपियों को बरी कर दिया था।
बरी होने वालों में राज्य की पूर्व मंत्री माया कोडनानी, बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी व विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता जयदीप पटेल भी शामिल हैं।उधर पीडि़तों के वकील की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि इस फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
गुजरात में गोधरा कांड प्रकरण के बाद 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद के नरोडा गाम इलाके में भ़ड़के दंगे में 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी।सूत्रों के मुताबिक एसआईटी इस मामले में निचली अदालत के फैसले को गुजरात हाई कोर्ट में अपील याचिका दायर करेगी। एसआईटी अदालत के फैसले की प्रति देखने पर फैसले को लेकर अध्ययन करने के बाद अंतिम निर्णय लिया। नरोडा गाम दंगा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित एसआईटी की ओर से किए जांच का 9वां मामला था।
एसआईटी ने गुजरात पुलिस से वर्ष 2008 में इस मामले में जांच का जिम्मा लिया।इस मामले में कुल 86 आरोपी थी जिनमें से मुकदमे के दौरान 18 की मौत हो गई वहीं एक को आरोप मुक्त कर दिया गया था।
घटना के 21 वर्ष आया था फैसला
इस मामले में घटना के 21 वर्ष बाद फैसला आया। वहीं इस मामले में वर्ष 2009 में मुकदमा शुरु हुआ जो 14 वर्ष तक चला। इस प्रकरण के सभी आरोपी जमानत पर थे।
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 143 (गैरकानूनी जमावड़ा), 147 (दंगा), 148 (घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करना), 120 बी (आपराधिक षडयंत्र) के तहत मुकदमा चला।
यह था मामला
27 फरवरी 2002 को गोधरा में ट्रेन आगजनी की घटना में अयोध्या से लौट रहे 58 यात्रियों की मौत के एक दिन बाद 28 फरवरी, 2002 को अहमदाबाद शहर के नरोडा गाम इलाके में दंग भड़का था। इस घटना में 11 लोग मारे गए थे।
Published on:
24 Apr 2023 10:47 pm
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