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National maritime heritage: लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत का पहला चरण जनवरी तक होगा तैयार

National maritime heritage: अहमदाबाद के निकट राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर के पहले चरण का उद्घाटन जनवरी 2024 में किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज लोथल में इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा के बाद इसकी घोषणा की।  

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लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत का पहला चरण जनवरी तक होगा तैयार

National maritime heritage: लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत का पहला चरण जनवरी तक होगा तैयार

National maritime heritage: अहमदाबाद से 75 किलोमीटर दूर लोथल में विश्व का सबसे बड़ा राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर तैयार हो रहा है। यह 4500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इस परिसर में लोथल का पांच हजार पुराना इतिहास प्रदर्शित किया जाएगा। समुद्री संस्कृति को पुर्नजीवित करने का कार्य केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर कर रही हैं।

सोमवार को इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर परियोजना की केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने समीक्षा की। परिसर के पहले चरण का उद्घाटन जनवरी 2024 में किया जाएगा केंद्रीय मंत्री ने इसकी प्रगति की समीक्षा के बाद घोषणा की।

उन्होंने राज्य के जहाजरानी मंत्री श्रीपद नाइक के साथ साइट का दौरा किया और कहा कि दुनिया का सबसे ऊंचा 77 मीटर का प्रतिष्ठित लाइटहाउस संग्रहालय (Lighthouse museum)यहां तैयार होगा।

क्या होगा खास?

इसका 400 एकड़ में निर्माण किया जा रहा है। यह मानव सभ्यता के उद्भव के साक्षी होने के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल भी बनेगा। इसके साथ ही यहां एक नौसैनिक संग्रहालय(Naval Museum) भी होगा, जिसमें विभिन्न प्रकार के जहाजों और नौवहन से जुड़ी जानकारियां मिलेंगी। इस संग्रहालय में लोथल मिनी रिक्रिएशन के अलावा 'मेमोरियल थीम पार्क', 'मैरीटाइम एंड नेवी थीम पार्क', 'क्लाइमेट थीम पार्क' और 'एडवेंचर एंड एम्यूजमेंट थीम पार्क' जैसे चार थीम पार्क बनाए जाएंगे।

परिसर में हडप्‍पा सभ्‍यता की प्राचीन बंदरगाह लोथल से संबंधित वास्तुकला और जीवनशैली को उजागर करने के लिए विभिन्न विषयों पर पार्कों का भी निर्माण किया जाएगा।

यहां न सिर्फ आगंतुकों को उस काल का नजारा देखने को मिलेगा बल्कि खरीदारी, विक्रेता, वेशभूषा और यदि खरीदारी की जाती है उसी सिक्कों में खरीदारी की जा सकेगा। आगंतुकों को ऐसा आभास होगा जैसे वे लोथल की प्राचीन संस्कृति में आ गए हैं।

ओपन एक्वेटिक गैलरी

परिसर में विश्व की सबसे बड़ी ओपन एक्वेटिक गैलरी होगी। देश का सबसे भव्य नेवल म्यूजियम(Naval Museum) होगा। आइकॉनिक लाइट हाउस म्यूजियम 77 मीटर ऊंचा होगा। 65 मीटर पर ओपन गैलरी होगी। यहां ओपन एयर व्युइंग गैलरी होगी। रात्रि में लाइट शो भी होगा।

फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, टेंट सिटी भी होंगे तैयार

इस हेरिटेज म्यूजियम में फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट (Floating restaurant) भी बनेगा। 100 कमरों की टेन्ट सिटी, रिसोर्ट बनेगा। ई-कार की व्यवस्था होगी। 500 ई-वाहनों की सुविधा होगी। मेरीटाइम यूनिवर्सिटी बनेगी, तटीय राज्यों का पवेलियन होगा। हड़्प्पा (Harappa) सभ्यता और जीवनशैली देखने को मिलेगी। म्युजियम में 14 गैलेरी बनेंगी। कोस्टल स्टेट्स पवेलियन भी बनेंगे।

जोधपुर के गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल

परिसर के निर्माण में जोधपुर के गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा। टच स्क्रीन कियॉस्क- समुद्री इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं पर लघु फिल्में भी यहां प्रदर्शित की जाएंगी।