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डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए कंटेंट विकसित करने में सीईसी, ईएमआरसी की अहम भूमिका: नड्डा

National seminar in Gujarat university on digital content development जीयू में डिजिटल कंटेंट डिजाइन एवं डेवलपमेंट पर नेशनल सेमिनार का शुभारंभ

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डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए कंटेंट विकसित करने में सीईसी, ईएमआरसी की अहम भूमिका: नड्डा

डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए कंटेंट विकसित करने में सीईसी, ईएमआरसी की अहम भूमिका: नड्डा

Ahmedabad. कंसोर्टियम फॉर एजूकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) नईदिल्ली के निदेशक प्रो.डॉ.जगत नड्डा ने कहा कि भारत सरकार जल्द ही डिजिटल यूनिवर्सिटी शुरू करने जा रही है। इस यूनिवर्सिटी के लिए अभी से ही एजूकेशनल कंटेंट विकसित करने का काम शुरू हो गया है। कंंटेंट विकसित करने में सीईसी और देशभर में स्थित एजूकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (ईएमआरसी) की अहम भूमिका है। सीईसी और ईएमआरसी यह महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।नड्डा ने यह बात गुरुवार को गुजरात यूनिवर्सिटी स्थित जूलॉजी सभागार में डिजिटल कंटेंट डिजाइन एवं डेवलपमेंट पर आयोजित दो दिवसीय नेशनल सेमिनार के उद्घाटन समारोह में कही। सीईसी और जीयू स्थित ईएमआरसी के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षा से जुड़े डिजिटल कंटेंट के विकास में प्राध्यापकों की रुचि को बढ़ाने व डिजिटल कंटेंट को समृद्ध करने के उद्देश्य से सेमिनार आयोजित किया जा रहा है।

इस दौरान जीयू ईएमआरसी के निदेशक नरेश दवे, आईआईटी गांधीनगर के प्रो. समीर सहस्त्रबुद्धे व अन्य प्राध्यापक, विद्यार्थी उपस्थित रहे। सेमिनार में इंटरेक्टिव वीडियो प्रोडक्शन, मेसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (एमओओसी) प्रपोजल राइटिंग, डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट के महत्वपूर्ण पहलू, कॉपीराइटिंग मुक्त शिक्षा सामग्री पर सत्र आयोजित होंगे। जिसमें आईआईटी गांधीनगर, एमआईटी पूणे जैसी संस्था के प्राध्यापक अपने विचार व्यक्त करेंगे।

कंटेंट डेवलपमेंट के केंद्र में रहे विद्यार्थीजीयू के कुलपति प्रो.डॉ.हिमांशु पंड्या ने कहा कि डिजिटल एजूकेशन कंटेंट डेवलपमेंट में हमें यह ध्यान देने की बहुत जरूरत है कि इसके केन्द्र में विद्यार्थी रहे। यानि किस पृष्ठभूमि के और किस कोर्स के विद्यार्थी के लिए हम कंटेंट विकसित कर रहे हैं उसे ध्यान में रखना जरूरी है। इसमें हमें विद्यार्थियों की जरूरत को भी ध्यान में रखना होगा। इसे इस तरह से तैयार किया जाए कि वह कोर्स पूरा करने पर आधारित न होकर नई जानकारी, नया ज्ञान सिखाने पर आधारित हो। विद्यार्थी का कौशल बढ़ाने पर आधारित हो।