15 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gujarat: साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलझे 13.98 लाख मामले

-5,77,579 मामलों में 3093 करोड़ के मुआवजे के आदेश पारित, हुआ समाधान, मोटर दुर्घटना, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद सहित कई मामलों में आपसी सहमति से समझौता

2 min read
Google source verification
Gandhinagar lok adalat

गांधीनगर में हुई राष्ट्रीय लोक अदालत में वाहन दुर्घटना के मामले में चेक स्वीकार करते हुए।

Ahmedabad. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में राज्यभर में आयोजित की गई वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में 13.98 लाख मामलों (लिटिगेशन) का निपटारा हुआ है। सोमवार को राज्यभर में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की गईं।

गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश और गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल तथा वरिष्ठ न्यायमूर्ति ए. वाइ. कोगजे के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत को व्यापक सफलता मिली।

लोक अदालत में वाहन दुर्घटना मुआवजा, दीवानी मामले, चेक बाउंस (एनआई एक्ट), आपराधिक समझौता योग्य मामले, पारिवारिक विवाद और औद्योगिक विवाद सहित विभिन्न प्रकार के करीब 6,67,858 लंबित मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया। इनमें से पक्षकारों की आपसी सहमति से 5,77,579 मामलों का निपटारा किया गया। इसके तहत 3093.02 करोड़ रुपये के मुआवजे के आदेश पारित किए गए।

इसके अलावा प्री-लिटिगेशन और पोस्ट-लिटिगेशन दोनों स्तरों के कुल 13,98,787 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 3209.80 करोड़ रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। इसे राज्य की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विशेष रूप से 8,21,208 प्री-लिटिगेशन मामलों में भी आपसी सहमति से समाधान हुआ, इनमें 116.78 करोड़ रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए।

ई-चालान के 6.48 लाख मामलों में 50.48 का जुर्माना वसूला

यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े 6,48,375 ई-चालान मामलों के निपटारे से 50.48 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया। लोक अदालत के माध्यम से 3581 वैवाहिक विवादों में भी समझौता होने से कई परिवारों में फिर से आपसी सहमति बनी और रिश्ते पुनःजुड़ गए।

एक दशक से लंबित 764 मामलों में समाधान

राज्य में 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित चल रहे 764 जटिल मामलों का भी राष्ट्रीय लोक अदालत में समाधान हुआ। इन मामलों में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई। इसके अलावा पूर्व निर्धारित 6655 टार्गेटेड केसों में भी फैसला आया। विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों से लोक अदालत विवादों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण और प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बन रही है।

एक्सीडेंट के मामले में 1.20 करोड़ के मुआवजा का चेक सौंपा

गांधीनगर की राष्ट्रीय लोक अदालत में महेशभाई नायक ने कहा कि उवारसद में उनके बेटे भार्गव नायक का एक्सीडेंट हुआ हुआ था। इस मामले में राष्ट्रीय लोक अदालत में मुझे मुआवजे के रूप में एक करोड़ 20 लाख रुपए का चेक दिया गया है।