
सीए को भी फोरेंसिक एकाउंटिंग सीखना समय की मांग-डॉ.व्यास
अहमदाबाद. नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) के कुलपति डॉ. जे.एम.व्यास ने कहा कि आज के डिजिटल युग में चार्र्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) को फोरेंसिक एकाउंटिंग भी सीखनी चाहिए। यह आज के समय की मांग है।
वे एनएफएसयू की ओर से 'फोरेंसिक साइंस: वित्तीय ठगी को खोजने का आधुनिक तरीकाÓ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
वित्तीय धोखाधड़ी की खोज के लिए आधुनिक तरीकों की जागरुकता की पहल के लिए आयोजित इस वेबिनार में डॉ. व्यास ने बताया कि एकाउंट का रखरखाव, खातों की तैयारी रखना यह एकाउंटेंसी है। और वैज्ञानिक आधार पर अपराधों की जांच करना यह फोरेंसिक साइंस है। इन दोनों विषय के संयोजन को फोरेंसिक एकाउंटेंसी कहते हैं। एकाउंटेंसी और ऑडिटिंग दोनों ही फोरेंसिक एकाउंटेंसी के कोर्स में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आज डिजिटल शीट का उपयोग खातों को बनाए रखने के लिए किया जाता है। वित्तीय धोखाधड़ी और अपराध के बीच वित्तीय सीमांकन की रेखा है।
उन्होंने कहा कि बंदूक की नोंक पर बैंक में जाकर रुपए को लेना डकैती है जो अपराध की श्रेणी में आता है, जबकि कोई एक संगठन में शामिल व्यक्ति एक खाते में डाटा से जानबूझकर छेड़छाड़ कर है और राशि छोटी होती है तो यह वित्तीय धोखाधड़ी का रूप ले लेती है। यही राशि ज्यादा बड़ी हो और एक से ज्यादा कंपनी तक शामिल हो तो यह घोटाला बन जाती है। डिजिटल युग में डाटा का हेरफेर आसान हो गया है। ऐसे में एकाउंटेंसी और फोरेंसिक एकाउंटेंसी का ज्ञान वित्तीय धोखाधड़ी और घोटाले से कंपनी को बचाने में मददगार साबित हो सकती है।
Published on:
27 Oct 2020 09:43 pm
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