
अहमदाबाद. नरोडा गाम दंगा प्रकरण की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने पूर्व आईपीएस अधिकारी व इस मामले के जांच अधिकारी रह चुके पी. एल. माल को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।
इस प्रकरण के आरोपी की ओर से अदालत के समक्ष यह याचिका दायर की गई है कि इस मामले में राहुल शर्मा ने गोधरा दंगों के दौरान अहम सबूत कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की सीडी तैयार की थी, जो उन्होंने खो दी है। शर्मा ने अहम लोगों के कॉल डिटेल की सीडी की प्रति नानावटी आयोग के समक्ष पेश की थी।
जबकि माल ने इस मामले में शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस मामले में दोनों गवाह हैं। अब दोनों को आरोपी बनाया जाना चाहिए।
गोधरा ट्रेन प्रकरण के अगले दिन 28 फरवरी 2002 को अहमदाबाद के नरोडा गाम में भडक़े दंगे में 11 जनों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में राज्य की पूर्व मंत्री माया कोडनानी, विहिप के नेता जयदीप पटेल सहित 83 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी है।
इस मामले में फिलहाल मुकदमा जारी है। इस मामले में अब तक तीन जज सुनवाई कर चुके हैं। अब तक प्रधान सत्र न्यायाधीश पी बी देसाई इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। न्यायाधीश देसाई से पहले न्यायाधीश एस एस वोरा ने इस मामले की सुनवाई की। उन्हें वर्ष 2009 में गुजरात उच्च न्यायालय का जज नियुक्त किया गया।
इसके बाद इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश ज्योत्सना याज्ञिक ने की। वे वर्ष 2013 में सेवानिवृत्त हो गईं। न्यायाधीश याज्ञिक ने नरोडा पाटिया दंगा प्रकरण की भी सुनवाई की थी।
न्यायाधीश देसाई की गत वर्ष 31 दिसम्बर को सेवानिवृत्ति के बाद न्यायाधीश एम. के. दवे को नया प्रधान सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है जो इस मामले की भी सुनवाई कर रहे हैं।
तीन जज कर चुके हैं सुनवाई
राहुल शर्मा गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद के पुलिस कंट्रोल रूम में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के रूप में तैनात थे। माल ने इस मामले की जांच की थी।
Published on:
06 Feb 2018 05:15 pm
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