
अब गैर आरक्षित वर्गों के लिए भी प्रमाण पत्र
गांधाीनगर. राज्य सरकार अब राज्य में गैर आरक्षित वर्गों के लिए भी प्रमाणपत्र जारी करेगी। यह प्रमाण पत्र अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की तरह गैर आरक्षित वर्गों के लिए भी बनाए जाएंगे। यह प्रमाण पत्र मूल गुजराती लोगों को ही मिलेगा। इस संबंध में सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से परिपत्र जारी किया गया है। बताया जा रहा है राज्य सरकार लोकसभा चुनाव से पहले पाटीदारों व अन्य सवर्ण जातियों के वोट बैंक खीचने के प्रयास में है।
इस परिपत्र के मुताबिक गैर आरक्षित वर्ग में एससी, एसटी, ओबीसी तथा आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोग शामिल होंगे। इस प्रमाणपत्र से आर्थिक और शैक्षणिक योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
यह प्रमाणपत्र जारी का अधिकार कलक्टर, सहायक कलक्टर, उपकलक्टर, जिला विकास अधिकारी, उप जिला विकास अधिकारी, तहसीलदार, तहसील विकास अधिकारी, जिला उप निदेशक या जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास होगा।
प्रमाणपत्र जारी करने के लिए यदि सक्षम अधिकारी इनकार करे या ऐसा प्रमाणपत्र गलत जारी किए जाने पर अपील का प्रावधान भी किया गया है। इन प्रमाणपत्र को जारी करने के संंबंध में स्थानीय स्तर पर परेशानी के निवारण की कार्यवाही संबंधित कलक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
गैर आरक्षित आयोग ने कुछ ही दिनों पहले गैर आरक्षित वर्गों को लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार को कई सिफारिशें की थीं। इस आधार पर यह परिपत्र जारी किया गया है। आयोग की अन्य सिफारिशों में सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं व शिक्षा पर भार दिया जाने की बात कही गई है। साथ ही आरक्षित वर्ग की तरह सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रयास और फीस में छूट, शैक्षणिक व रोजगारपरक योजनाओं, एमबीबीएस व एमबीए जैसे उच्च पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए 3 फीसदी के दर से शैक्षणिक ऋण व प्रतिष्ठित संस्थानों में होस्टल के लिए फीस, विदेश के प्रतिष्ठित कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए ऋण देने की भी सिफारिश शामिल हैं। राज्य सरकार ने गैर आरक्षित वर्गों के शैक्षणिक व आर्थिक विकास के लिए गुजरात गैरआरक्षित शैक्षणिक व आर्थिक विकास निगम का गठन किया गया है।
Published on:
31 May 2018 10:12 pm
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