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हाइपरटेंशन पीडि़तों में से 12 फीसदी का ही नियंत्रण में है ब्लड प्रेशर

Only 12 percent, hypertension sufferers, blood pressure, under control

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हाइपरटेंशन पीडि़तों में से 12 फीसदी का ही नियंत्रण में है ब्लड प्रेशर

हाइपरटेंशन पीडि़तों में से 12 फीसदी का ही नियंत्रण में है ब्लड प्रेशर

भारत में लगभग 2.20 करोड़ लोग हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की समस्या के साथ जी रहे हैं। इनमें से महज 12 फीसदी लोग ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रख पाते हैं। वहीं दुनिया में हाइपरटेंशन (रक्तचाप) से 15 से 20 फीसदी लोग पीडि़त हैं। वर्ष 2025 तक यह संख्या 150 करोड़ तक पहुंच जाएगी। वैश्विक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के यह आंकड़े चिंताजनक हैं।

इस वर्ष विश्व हाइपरटेंशन की थीम ‘अपने रक्तचाप को जरूर मापें, इसे नियंत्रित करें, लंबे समय तक जीवित रहें’ है।ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसिज (जीबीडी) के वर्ष 2016 के आंकड़े बताते हैं कि भारत में एक वर्ष में ही हाइपरटेंशन के कारण के कारण 16.30 लाख लोगों की मौत हो गई थी।

अहमदाबाद के इन्टरनल मेडिसिन डॉ. जूझर रंगवाला का कहना है कि ब्लड प्रेशर ऐसी समस्या है जिसका शुरू होने से पहले ही उपचार जरूरी है। इसे लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। इस समस्या को को नियंत्रण में करने के लिए नियमित व्यायाम, वजन को नियंत्रण में करना, भोजन में सोडियम की मात्रा कम करना, बेकरी फूड का त्याग करना और चिकित्सक के परामर्श पर उपचार लेना जरूरी है।

विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य रूप से माना जाता है कि ब्लड प्रेशर की समस्या वयस्क या अधिक आयु के लोगों को होती है लेकिन अब इससे पीडि़त बच्चों की संख्या भी बढ़ रही है। यदि ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखा जाए तो कई गंभीर जैसे हृदय, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी रोगों से बचा जा सकता है।बदलती जीवन शैली बड़ा कारण

कुछ वर्षों पहले रक्तचाप की समस्या बड़ी आयु में ही देखने को मिलती थी लेकिन आज के जमाने में यह समस्या युवा वर्ग (20-30 वर्ष) में भी खूब देखी जा रही है। जंक फूड का सेवन, आरामदायक जीवनशैली, मोटापा, व्यायाम में कमी, धूम्रपान और तनाव इसके मुख्य कारण हैं। पहले इस समस्या को शहरों में ही माना जाता था लेकिन अब ग्रामीण आबादी में भी यह देखने को मिल रही है। लोगों को नियमित रक्तचाप मापने की जरूरत है।

डॉ. जयेश प्रजापति, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट