ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बढ़ रहा है रीजनल कंटेंट का दबदबा

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By: nagendra singh rathore

Published: 02 Apr 2021, 03:59 PM IST

OTT Platform, MICA report, Ahmedabad, regional content, Gujarati, Local touch, mobile माइका की इंडियन ओटीटी प्लेटफॉर्म रिपोर्ट 2020, हिंदी-अंग्रेजी की जगह क्षेत्रीय भाषाओं की कहानी की मांग, दर्शक बढ़े, क्षेत्रीय बाजार, जगहों पर शूटिंग पर दिग्गजों कंपनियों का भी फोकस, सस्ते नेट, बढ़ते स्मार्टफोन से छोटे शहरों-गांवों के दर्शकों तक पहुंच

नगेन्द्र सिंह

अहमदाबाद. ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म पर रीजनल कंटेंट का दबदबा बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इस फॉर्मेट की दिग्गज कंपनियों तक ने क्षेत्रीय बाजार और क्षेत्रीय भाषा, बोली की कहानियों पर फोकस बढ़ा दिया है। पंचायत, जामतारा, पाताल लोक, मिर्जापुर सरीखी सफल वेब सीरीज इसी बढ़ते दबदबे का उदाहरण हैं।
यह तथ्य माइका अहमदाबाद एवं कम्युनिकेशन क्राफ्ट की द इंडियन ओटीटी प्लेटफॉर्म रिपोर्ट 2020 में सामने आए हैं।
रिपोर्ट में कहा है कि आज हर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रीजनल कंटेंट (क्षेत्रीय भाषाओं) और क्षेत्रीय बोली में वेब सीरीज, फिल्में एवं शो उपलब्ध हैं। इन्हें दर्शक बखूबी मिल रहे हैं।
इसकी प्रमुख वजह सस्ते इंटरनेट की उपलब्धता और बढ़ते स्मार्ट मोबाइल फोन के चलते छोटे शहरों (द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी) और ग्रामीण क्षेत्रों के दर्शकों की ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बनी पहुंच है।
यही वजह है कि अब ये ओटीटी प्लेटफॉर्म इन क्षेत्रीय और ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़ी कहानियों को परोस रहे हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी, तमिल, तेलुगू, गुजराती, मराठी, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, सिक्किमी, उर्दू और पंजाबी क्षेत्रीय कंटेंट को खूब पसंद किया जा रहा है।
क्षेत्रीय ओटीटी प्लेटफॉर्म होइची एवं सननेक्स्ट को बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म से भी चुनौती मिलनी शुरू हो गई है। बीते कुछ समय में क्षेत्रीय भाषाओं के ओटीटी प्लेटफॉर्म भी काफी सामने आ रहे हैं। इन पर निवेश बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में बताया कि २०१९ में यूट्यूब पर ६० फीसदी दर्शक द्वितीय, तृतीय श्रेणी के शहरों से मिले। इसमें ९५ फीसदी ने वर्नाकुलर कंटेंट को देखा। हॉट स्टार को ४० फीसदी ट्रैफिक रीजनल कंटेंट पर मिला। इतना ही नहीं ६३ फीसदी वीडियो गैर मेट्रो शहरों के दर्शकों ने देखे।

२०२३ तक देश में होंगे ९२५ मिलियन स्मार्ट फोन
रिपोर्ट में कहा है कि दिसंबर २०१९ में भारत में ५०२.२ मिलियन स्मार्टफोन थे। जिनके वर्ष २०२३ तक बढ़कर ९२५ मिलियन पर पहुंचने के आसार हैं। स्मार्ट फोन के बढऩे के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म की पहुंच भी बढ़ रही है। मुनाफा भी बढ़ रहा है। २०१८ में जहां ओटीटी प्लेटफॉर्म का बाजार १३.५ बिलियन रुपए का था वह २०१९ में ५९ प्रतिशत वृद्धि के साथ बढ़कर १७ बिलियन रुपए पर पहुंच गया। २०२१ में इसके २४ बिलियन रुपए पर पहुंचने का अनुमान है।

लोगों को खींच रही अपनी बोली, संस्कृति
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लोगों को उनकी बोली, उनके शहर व संस्कृति वाली कहानी देखने को मिल रही है। जिसे उन्हीं के शहर व क्षेत्र में शूट किया जाता है, जो उन्हें अपना लगता है, इसके चलते लोग उसे अपना रहे हैं। यही वजह है कि रीजनल कंटेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस मांग और दर्शकों की बड़ी संख्या को भुनाने के लिए तीन नए गुजराती ओटीटी प्लेटफॉर्म जारी हुए हैं। कुछ और तैयारी में हैं। ऐसा ही अन्य प्रादेशिक भाषाओं में है। ओटीटी प्लेटफॉर्म के बड़े दिग्गज भी ऐसे कंटेंट बनाने पर जोर दे रहे हैं। ५ जी तकनीक भारत में आने पर और वृद्धि का अनुमान है।
-डॉ दर्शन अश्विन त्रिवेदी, सम्पादक, इंडियन ओटीटी प्लेटफॉर्म रिपोर्ट

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