
AI Photo
Ahmedabad: महानगरपालिका (मनपा) ने पालतू श्वानों के बाद अब पालतू बिल्लियों का पंजीकरण भी अनिवार्य कर दिया है। शहर में अनुमानित पांच हजार पालतू बिल्लियों का 30 सितंबर तक ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाएगा। फिलहाल इसके लिए मात्र 200 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है। गुरुवार को शहर के आनंदनगर निवासी एक नागरिक ने अपनी पालतू बिल्ली का पंजीकरण भी करा लिया।
सीएनसीडी विभाग के अध्यक्ष नरेश राजपूत ने बताया कि शहर में करीब 50 हजार पालतू श्वान और लगभग पांच हजार पालतू बिल्लियां होने का अनुमान है। पशु कल्याण बोर्ड ऑफ इंडिया की गाइडलाइन, एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) नियम-2023 तथा वर्ष 2030 तक रेबीज मुक्त भारत के राष्ट्रीय अभियान के तहत सभी पालतू पशुओं का पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक पालतू बिल्ली का ऑनलाइन पंजीकरण मात्र 200 रुपए शुल्क देकर कराया जा सकता है। इसके बाद समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों के लिए शुल्क बढ़ा दिया जाएगा। वर्तमान में विलंब से पालतू श्वानों का पंजीकरण कराने पर 2000 रुपए शुल्क लिया जा रहा है और भविष्य में यही व्यवस्था पालतू बिल्लियों पर भी लागू की जाएगी। उनका कहना है कि मालिकों को अपनी पालतू बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन समय रहते करवा लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए आवेदक को आधार कार्ड, निवास संबंधी दस्तावेज, पालतू पशु एवं उसके रहने के स्थान के फोटो, वैक्सीनेशन कार्ड तथा किराए के मकान में रहने की स्थिति में किरायानामा अपलोड करना होगा। उन्होंने सभी पालतू पशु पालकों से समय सीमा के भीतर पंजीकरण कराने की अपील की।
गौरतलब है कि एक जनवरी 2025 से सीएनसीडी विभाग की ओर से पालतू श्वानों का पंजीकरण शुरू किया गया था। अब तक 17286 मालिक अपने 19643 पालतू श्वानों का पंजीकरण करा चुके हैं। अनुमान के मुताबिक अभी भी शहर के आधे से अधिक पालतू श्वानों का पंजीकरण होना बाकी है। सीएनसीडी विभाग का कहना है कि सभी पालतू श्वानों का पंजीकरण अनिवार्य है। वर्तमान में पालतू श्वानों के पंजीकरण के लिए 30 सितंबर तक 2000 रुपए शुल्क निर्धारित है।
Updated on:
09 Jul 2026 10:30 pm
Published on:
09 Jul 2026 10:29 pm
