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Gujarat: पीएलआई कैपेक्स में गुजरात का अनुमानित हिस्सा करीब 28%

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Gujarat: पीएलआई कैपेक्स में गुजरात का अनुमानित हिस्सा करीब 28%

Gujarat: पीएलआई कैपेक्स में गुजरात का अनुमानित हिस्सा करीब 28%

PLI CAPEX: Gujarat has proposed share of 28 percent

देश में स्थानीय स्तर पर मैन्यूक्चरिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुरु की गई महत्वाकांक्षी योजना प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) को लेकर एक रिसर्च में कई बड़ी बातें सामने आई हैं। हाल ही में क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस एंड एनालिसिस की जारी रिपोर्ट में यह बताया गया है कि गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक की पीएलआई योजना के तहत अनुमानित कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) के सबसे बड़े हिस्सेदार होंगे।

क्रिसिल ने अपनी इस रिपोर्ट में 14 में से 9 प्रमुख क्षेत्रों में विश्लेषण किया है। इन नौ प्रमुख क्षेत्रों में एसीसी, बैटरी, सोलर पीवी, टेक्सटाइल सेक्टर, मोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, दूरसंचार, गुड्स, आईटी हार्डवेयर और मेडिकल डिवाइसेज सेक्टर शामिल हैं।गुजरात 28 फीसदी आकर्षित करेगा

क्रिसिल के शोध के अनुसार भारत में अब तक हुए अनुमानित पीएलआई कैपेक्स 2.8 लाख करोड़ रुपए का 28 फीसदी (यानी 36,000 करोड़ से अधिक) निवेश अकेले गुजरात में आकर्षित होने का अनुमान है। इनमें राज्य में होने वाले पीएलआई निवेश में 9,000 करोड़ रुपए एडवांस केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी सेक्टर, 24 हजार करोड़ रुपए सोलर पीवी सेक्टर, 3 हजार करोड़ रुपए टेक्सटाइल्स सेक्टर और 500 करोड़ रुपए फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में वर्गीकृत है।

अनुमानित पीएलआई कैपेक्स का एक तिहाई यानी 42 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश मिलने के अनुमान के साथ तमिलनाडु इस श्रेणी में पहले स्थान पर है। 28 फीसदी यानी 36,000 करोड़ रुपए से अधिक अनुमानित निवेश के साथ गुजरात दूसरे स्थान पर है। 11 प्रतिशत यानी 14,000 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश के साथ कर्नाटक इस श्रेणी में तीसरे स्थान पर है।

देश में सोलर पीवी सेक्टर में हुए अनुमानित पीएलआई कैपेक्स में गुजरात की हिस्सेदारी 76 फीसदी यानी 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि शेष 24 प्रतिशत आंध्र प्रदेश को मिलने की उम्मीद है। गुजरात व कर्नाटक को एसीसी बैटरी सेक्टर में 17 प्रतिशत (यानी 9 हजार) करोड़ मिलने का अनुमान है। इन नौ क्षेत्रों में से एसीसी बैटरी में निवेश क्षमता का अनुमान सर्वाधिक है जो 52,000 करोड़ रुपए है। इस अनुमानित निवेश क्षमता का सबसे अधिक लाभ तमिलनाडु को हो सकता है जो 67 प्रतिशत (यानी 35 हजार करोड़) है।

रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि भारत में पीएलआई योजना के तहत कैपेक्स अभी 2.8 लाख करोड़ रुपए है। इनमें से 1.4 लाख करोड़ रुपए के लिए लोकेशन भी फाइनल हो चुकी है। इनमें से करीब 30 फीसदी निवेश गुजरात में होने की उम्मीद है। इसके बाद तमिलनाडु और कर्नाटक में निवेश होने की उम्मीद है। इसका कारण यह है कि अधिकांश पीएलआई सेक्टर्स को बिजली की अधिक आवश्यकता होगी।