
Ahmedabad: क्रिकेट सट्टे की जांच के लिए पुलिस आयुक्त ने गठित की एसआईटी
Ahmedabad. माधवपुरा के दूधेश्वर इलाके में स्थित एक कार्यालय में दबिश देकर पकड़े गए इंटरनेशनल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के बड़े रैकेट के मामले की जांच के लिए शहर पुलिस आयुक्त संजय श्रीवास्तव ने सोमवार को एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) गठित की है। पुलिस आयुक्त की ओर से गठित की गई एसआईटी का अध्यक्ष शहर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की पुलिस उपायुक्त भारती पंड्या को बनाया गया है। इसमें पीसीबी के पीआई तरल भट्ट और माधवपुरा थाने के पीआई आई एन धासुरा की सदस्य के रूप में नियुक्ति की है। पुलिस आयुक्त खुद इस मामले की मॉनीटरिंग करेंगे। 500 से ज्यादा एकाउंट में पैसे जमा होने और निकाले जाने की बात सामने आने पर एसआईटी इस मामले में एकाउंटेंट और लीगल एडवाइजर की भी मदद लेगी।
ज्ञात हो कि 25 मार्च को पीसीबी की टीम ने दबिश देकर माधवपुरा से चार लोगों जितेन्द्र हीरागर, सतीश परिहार, नीरव पटेल और अंकित गहलोत को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा व उससे जडु़े करोड़ों के ट्रांजेक्शन मामले में गिरफ्तार किया है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का मामला बताया जा रहा है।
क्रिकेट सट्टे के 10 पोर्टल व उसके मालिकों के नाम का खुलासा
जांच के दौरान पता चला कि माधवपुरा स्थित ऑफिस में बैठकर आरोपी हर्षित जैन व अन्य आरोपी लोगों के पास से उनके कागजात लेकर फर्जी कंपनी खोलते। उनका रजिस्ट्रेशन कर उनके नाम पर बैंक एकाउंट खुलवाते और उसकी चेकबुक, एटीएम कार्ड लेकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के 10 पोर्टल चलाने वाले लोगों को यह एकाउंट व मोबाइल नंबर की जानकारी देते थे। जिसके जरिए यह लोग सट्टे के पैसों का ट्रांजेक्शन इन एकाउंट में करते थे। इनमें 10 पोर्टल का पता चला है, जिसमें से 8 के मालिक के नाम भी पता चले हैं। जिसके तहत एक पोर्टल का मालिक सौरभ चंद्रनाकर उर्फ महादेव है जो छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। हाल दुबई में रहता है। दूसरे पोर्टल का मालिक कच्छ गांधीधाम निवासी अमित मजेठिया है जो भी अभी दुबई में है। तीसरे पोर्टल का मालिक मानुष शाह है वह अहमदाबाद के पालडी भट्टा का रहने वाला है, हाल दुबई में है। चौथे पोर्टल का मालिक अन्ना रेड्डी भी दुबई में है। पांचवें का मालिक कमल है, छठे का मालिक कार्तिक, सातवे का मालिक का जितेन्द्र ठक्कर और आठवे पोर्टल का मालिक विवेक जैन है। हर्षित इन सभी पोर्टल मालिकों को फर्जी कागजात से खोले गए बैंक एकाउंट की डिटेल देता था। जिनमें पैसों का ट्रांजेक्शन होता था। वह एक लाख रुपए पर साढ़े तीन फीसदी कमीशन इन लोगों से लेता था। इसके अलावा राजस्थान के उदयपुर निवासी डेविड, शाहीबाग के निकुंज अग्रवाल, राजस्थान के मेसी, मुंबई के गरुड़ा, रिशी सुगर व एक कुणाल नाम के व्यक्ति को भी एकाउंट की जानकारी दी थी।
Published on:
27 Mar 2023 10:55 pm
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