
निजी कंपनी का करोड़ों का लाभ टैक्स के तौर पर होगा वसूल
राजकोट. देश में पहली बार राजकोट आयकर विभाग ने कंपनी का बिजनेस अटैच किया है। कोलकाता की कंपनी की ओर से कर ना चुकाने पर कर वसूली अधिकारी के निर्देश पर कंपनी का बिजनेस टेकओवर कर बिक्री की 25 प्रतिशत राशि प्रति माह वसूली जाएगी।
सूत्रों के अनुसार कोलकाता में पंजीकृत व कच्छ जिले की भचाऊ तहसील के लुणावा के समीप ग्रीन अर्थ रिसोर्सिंग एंड प्रोजेक्ट लिमिटेड के नाम से प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी की ओर से तीन वर्षों में करीब 50 करोड़ रुपए का कर नहीं चुकाया गया। इसमें वर्ष 2012-13 में 9,63,17,107 करोड़ रुपए, वर्ष 2013-14 में 2,65,35,702 करोड़, वर्ष 2014-15 में 36,76,45,714 करोड़ सहित कुल 49,06,98,523 करोड़ रुपए का कर बकाया था।
राजकोट आयकर विभाग के नियमानुसार कोलकाता की पंजीकृत कंपनी को कोलकाता के कर वसूली अधिकारी-5 के निर्देश पर भचाऊ तहसील के लुणावा के समीप स्थित प्लांट को डिफॉल्टर संपत्ति के तौर पर अटेच कर कंपनी के बिजनेस को टेकओवर किया गया है। राजकोट आयकर विभाग को यह मामला स्थानांतरित किया गया है। राजकोट आयकर विभाग की ओर से अब प्रति महीने की 7 तारीख को कंपनी से बिक्री का 25 प्रतिशत के हिसाब से कर वसूला जाएगा। कंपनी के दो अधिकारियों को रिसीवर के तौर पर नियुक्त किया गया है। इनमें विनोद नायर व पारितोष चोरसिया शामिल हैं। यह दोनों अधिकारी अब आयकर विभाग के रिसीवर के तौर पर कार्य करेंगे।
गुजरात आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त अजयदास मल्होत्रा, राजकोट आयकर विभाग के सीआईटी-1 अजीतकुमार सिन्हा ने इस कार्रवाई के लिए प्रयास किए।
Published on:
02 Apr 2019 11:48 pm
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