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राष्ट्रीय युवा संसद में भी उठा राफेल डील, प्रश्न-पत्र लीक मामला

केवी ओएनजीसी में पश्चिम अंचल की 31वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता, पांच रीजन के २७५ विद्यार्थी कर रहे हैं शिरकत

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राष्ट्रीय युवा संसद में भी उठा राफेल डील, प्रश्न-पत्र लीक मामला

अहमदाबाद. केन्द्रीय विद्यालय ओएनजीसी में सोमवार से शुरू हुई पश्चिम अंचल की दो दिवसीय 31वीं आंचलिक स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में भी राफेल डील, सीबीएसई के १०वीं-12वीं बोर्ड के प्रश्न-पत्र लीक होने का मामला उठाया गया। मोबलिंचिंग की घटनाएं, उत्तरप्रदेश की जेल में कैदी की हत्या एवं भारत देश की बढ़ती जनसंख्या के मुद्दे को भी युवा सांसदों (विद्यार्थियों) ने उठाया।
दो दिवसीय इस आंचलिक स्तरीय राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को मुख्य अतिथि व पूर्व सांसद डॉ.अलका क्षत्रिय, भारत सरकार के उपसिचव ए.बी.आचार्य, ओएनजीसी के एैसेट मैनेजर व विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष देवाशीष वासु, केवी नई दिल्ली मुख्यालय के सहायक आयुक्त वरुण मित्रा, केवी अहमदाबाद के सहायक आयुक्त आर.एम.भाभोर, प्राचार्य डी.के.गुप्ता ने किया। इस प्रतियोगिता में आगरा, अहमदाबाद, मुंबई, रांची, जयपुर रीजन के २७५ विद्यार्थी शिरकत कर रहे हैं। हर रीजन से ५५ विद्यार्थी प्रतियोगिता में शिरकत कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि डॉ.अलका क्षत्रिय ने कहा कि संसद लोकतंत्र का मंदिर है। उसमें देश के हर कोने से जनप्रतिनिधि चुनकर पहुंचते हैं। टीवी पर आपने संसद में शोर-शराबा देखा होगा। आए दिन वहां शोर-शराबा होता है लेकिन काम भी होता है। हर सदस्य अपने क्षेत्र की जनता की आवाज, समस्या को वहां उठाता है, जिससे कई बार शोर-शराबे की नौबत आती है। लेकिन कोशिश जनता की सुख-समृद्धि, सुविधा को बढ़ाने और देश के विकास की होती है। युवा संसद में भी हमारे युवा संसद की गरिमामयी जिम्मेदारी और उसकी प्रक्रिया का पाठ सीखें यह जरूरी है। हो सकता है कि इसी में से कोई आगामी समय में संसद में पहुंचे।
प्रतियोगिता की शुरूआत में ही पहली टीम की संसद की कार्यवाही महाराष्ट्र से युवा सांसद और उ.प्र. से जुने युवा सांसद ने मराठी और हिंदी में शपथ दिलाने से शुरू हुई। उसके बाद केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखा गया। दो साल पहले भी स्कूल में ऐसी ही प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
प्रतियोगिता के तहत स्कूल में सत्ता पक्ष-विपक्ष को आमने सामने बैठाया गया। लोकसभा स्पीकर ऊपर बैठीं। रिपोर्टर, विदेशी अतिथिगण के बैठने की भी व्यवस्था की गई।