
Indian Railway: इन्होंने किया कुछ ऐसा कि याद रहेगा हमेशा
अहमदाबाद. रेलकर्मी (Railwaymen) आए थे तो साबरमती डीजल कर्षण (Sabarmati disel shed) प्रशिक्षण केन्द्र में, लेकिन वहां उन्होंने ना सिर्फ सामाजिक सरोकार निभाया बल्कि पर्यावरण (Environment) संरक्षण बताने में अपना योगदान दिया। जो प्रशिक्षण लेने आए थे उन्होंने लोको पायलट (Loco pilots) , सह लोको पायलट (Assitant loco pilots) , शंटिंग लोको पायलट थे। प्रशिक्षण के साथ-साथ उन्होंने वहां साफ-सफाई की और पौधारोपण (Tree plantation) भी किया।
हुआ यूं कि लोको पायलट, शंटिंग लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के लिए साबरमती स्थित डीज़ल कर्षण प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण (Training) कार्यक्रम रखा गया था।
अहमदाबाद मंडल (Ahmedabad division) में स्वस्थ भारत - स्वच्छ भारत अभियान के तहत रेलकर्मियों ने साफ-सफाई की और पौधरोपण में ट्रेनिंग केन्द्र में आए लोको पायलट, शंटिंग लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। स्वच्छता (swachh) ही सेवा कार्यक्रम के तहत ट्रेनिंग स्कूल (Training school) के मुख्य अनुदेशक ने प्रशिक्षुओं को सिंगल यूज प्लास्टिक (Single use plastic) का उपयोग न करने की शपथ दिलाई गई।
वहीं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता, साबरमती डीजल शेड, अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन और प्राचार्य एस.पी. सिंह के नेतृत्व में मुख्य अनुदेशक वी.जी. पटेल, अन्य वरिष्ठ अनुदेशकों में अशेष पीठवा, एस.पी. सिंह, टी.आर. मीणा, हरीश कुमार, मेहुल कुमार और सभी प्रशिक्षार्थी श्रमदान करने में शामिल रहे। प्रशिक्षार्थियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही प्लास्टिक (Plastic) से होने वाले नुकशान के बारेमें भी बताया गया।
Published on:
20 Oct 2019 10:11 pm

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