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राजकोट का वर्तमान एयरपोर्ट होगा बंद

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ही संचालित होंगी घरेलु उड़ानें भी

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राजकोट का वर्तमान एयरपोर्ट होगा बंद

गांधीनगर. राजकोट शहर में स्थित वर्तमान एयरपोर्ट बंद हो जाएगा, घरेलु उड़ानें भी नए बनने वाले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से ही संचालित होंगी। नागरिक उड्डयन मंत्री भूपेंद्रसिंह चुडासमा ने 14वीं गुजरात विधानसभा के तीसरे सत्र के पांचवें व अंतिम दिन शुक्रवार को विधानसभागृह में यह जानकारी दी।
तारांकित प्रश्नोत्तरी के प्रश्न क्रमांक 2 में राजकोट पूर्व के विधायक अरविंद रैयाणी के प्रश्न के उत्तर में चुडासमा ने कहा कि राजकोट में कोड-सी टाइप का अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए गुजरात सरकार की ओर से एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया को कुल 607.03 हेक्टर जमीन निशुल्क आवंटित की गई है। इसके लिए आवश्यक सभी मंजूरी ली गई है। इस एयरपोर्ट के लिए गुजरात सरकार की ओर से एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया 7 जनवरी 2019 को एमओयू किया गया है। एयरपोर्ट अथोरिटी ऑफ इंडिया की ओर से निविदा आमंत्रित की गई, इसमें चयनित एजेंसी को कार्यादेश जारी करने की कार्रवाई मंजूरी प्रक्रिया में है।


सौराष्ट्र के उद्योगों व यात्राधामों के पर्यटन उद्योग को मिलेगा बल
चुडासमा ने कहा कि राजकोट में बनने वाले विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से मोरबी के सिरामिक उद्योग, जेतपुर के टेक्सटाइल, जामनगर के ब्रास, विविध बंदरगाहों के अलावा सोमनाथ, द्वारका, गिरनार सरीखे यात्राधामों के पर्यटन उद्योग को अधिक बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के आयोजन से गुजरात में एयर ट्रैफिक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। निवेशकों की पसंद बन रहे गुजरात में इस प्रकार की सुविधा बढ़ाना जरूरी है। राजकोट में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए कुल 607.03 हेक्टर जमीन में से 96 प्रतिशत जमीन सरकारी मात्र 4 प्रतिशत जमीन उचित मुआवजा देकर नियमानुसार अधिग्रहित की गई है। संबंधित गांवों के लोगों ने पर्याप्त सहयोग दिया है, इनमें राजकोट व सुरेंद्रनगर जिलों की जमीन शामिल है।


मुख्यमंत्री ने समझाए कोड टाइप
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि राजकोट में कोड-सी टाइप का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने वाला है। कोड-सी टाइप के एयरपोर्ट पर 36 से 52 मीटर चौड़े पंख वाले विमान आवागमन कर सकते हैं, इनके लिए 1800 से 3 हजार मीटर का रन-वे व 350 यात्रियों की क्षमता वाली एयरबस के साथ ही छोटे व बोईंग विमानों के आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाती है। इसी प्रकार कोड-ए टाइप के एयरपोर्ट पर 15 मीटर चौड़े पंख वाले व 120 यात्री क्षमता वाले और कोड-बी टाइप के एयरपोर्ट पर 15 से 24 मीटर चौड़े पंख वाले व 120 यात्री क्षमता वाले छोट विमान व बोईंग विमान आवागमन कर सकते हैं।


शहर के बीच वर्तमान एयरपोर्ट का रन-वे छोटा, विस्तार संभव नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकोट का वर्तमान एयरपोर्ट शहर के बीच स्थित है, इसके विस्तार की संभावना नहीं है और बढ़ते ट्रैफिक को ध्यान में रखकर नया एयरपोर्ट बनाना जरूरी था। इस कारण नए बनने वाले वैश्विक स्तर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का लाभ राजकोट को ही नहीं, बल्कि सुरेंद्रनगर जिले के नागरिकों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से भी हवा की दिशा के आधार पर स्थान-क्षेत्र का निर्धारण किया जाता है।


पोरबंदर में कोस्टगार्ड के क्वार्टरों का निर्माण रुकवाया
विरोध पक्ष के उप नेता व अहमदाबाद में दाणीलीमड़ा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक शैलेष परमार के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पोरबंदर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के कारण बीच में आने वाली जमीन पर निर्मित हो रहे कोस्टगार्ड के क्वार्टरों का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।