
उचित मूल्य की दुकान के लाइसेंसधारकों को क्षतिपूर्ति राशि देगी राज्य सरकार
गांधीनगर. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी मान्यता प्राप्त राशन दुकान धारकों की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किया है। इसके तहत उचित मूल्य की दुकान रखने वाले दुकानदारों को प्रति महीने 20 हजार रुपए कमीशन सुनिश्चित किया जाएगा। जिन्हें कम मिलता है उन्हें राज्य सरकार क्षतिपूर्ति की राशि देगी।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावळिया एवं राज्य मंत्री भीखूसिंह परमार ने इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राशि राज्य में उचित मूल्य की ऐसी दुकानों को दी जाएगी, जिसके दुकानदार स्थायी हैं और जिन दुकानों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) राशन कार्ड की संख्या 300 से कम है। जिनके पास अन्य किसी नियमित दुकान का कार्य भार नहीं है व जिन दुकानों में कमीशन की राशि प्रति माह 20,000 रुपए से कम होती है।ज्ञात हो कि लिखित में आश्वासन देने और परिपत्र करने के बावजूद भी राज्य सरकार उचित मूल्य की दुकानदारों को 20 हजार रुपए प्रति माह कमीशन देना सुनिश्चित नहीं कर रही थी। जिससे दुकानदार एक सितंबर से हड़ताल पर उतर गए। उन्होंने गोदाम से अनाज ही नहीं लिया और ना ही वितरण किया। इसके चलते सरकार हरकत में आई। शनिवार को मंत्रियों के साथ गुजरात राज्य फेयर प्राइज शॉप एंड केरोसीन लाइसेंस होल्डर एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बैठक की गई। मांगों पर चर्चा हुई। जिसके बाद यह निर्णय हुआ।
हड़ताल खत्म करें दुकानदार, रविवार को भी खोलें दुकानदोनों मंत्रियों ने कहा कि राज्यभर के उचित मूल्य की दुकान के दुकानदारों द्वारा नागरिकों के हित में आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सस्ते अनाज का वितरण शुरू कर देना चाहिए। उन्होंने अपील की कि दुकानदार रविवार को भी राशन वितरण का कार्य चालू रखें। मांग स्वीकारे जाने पर उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस रखने वाले दुकानदारों की ओर से इस मामले में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई है।
क्षतिपूर्ति के लिए 35 करोड़ का बोझ वहन करेगी सरकार
मंत्रियों ने कहा कि राज्य के ऐसे दुकानदारों के लिए प्रति माह 20,000 रुपए की आय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ऐसे दुकानदारों को 20,000 रुपए की कमीशन की आय के समक्ष कम पड़ने वाली राशि क्षतिपूर्ति के तौर पर देगी। इसके लिए राज्य सरकार केवल इस क्षतिपूर्ति की राशि के तहत वार्षिक 35.53 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ वहन करेगी।
Published on:
02 Sept 2023 09:10 pm

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