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अहमदाबाद. शहर के UN Mehta Institute of Cardiology and Research Center (Hospital) of Civil Medicity Campus सिविल मेडिसिटी कैंपस के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर (अस्पताल) को बदनाम करने की साजिश में cyber crime branch team साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने अस्पताल के RMO (Residence Medical Officer) Dr. Kaushik Barot आरएमओ (रेजिडेंस मेडिकल ऑफिसर) डॉ. कौशिक बारोट को गिरफ्तार किया है। डॉ. बारोट ने अपने मोबाइल फोन में वॉइस चेंज वाली एप्लीकेशन डाउन लोड की हुई थी जिसमें सोशल मीडिया पर की जाने वाली टिप्पणी महिला की आवाज में सुनाई देती थी।
अहमदाबाद साइबर क्राइम के डीसीपी अमित वसावा के अनुसार इस संबंध में यूएन मेहता के आई टी विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने मामला दर्ज करवाया था। मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉ. बारोट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। उनके अनुसार प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि वर्ष 2004 से अस्पताल में चिकित्सक के तौर पर कार्यरत यह 46 वर्षीय आरोपी पिछले करीब एक वर्ष से व्यक्तिगत रूप से असंतुष्ट था। इसी को लेकर उसने सोशल मीडिया पर डॉ. सतीश पटेल के नाम से फर्जी आईडी बनाई और उसके माध्यम से अस्पताल को बदनाम करने की गतिविधियां शुरू कर दी थीं। मोबाइल में वॉइस चेंज एप्लीकेशन डाउनलोड की गईं थी ताकि उसकी ओर से की जाने वाली ऑडियो पोस्ट युवती की आवाज में सुनाई दे।
अस्पताल के अलावा निदेशक के खिलाफ भी करता था टिप्पणी
डीसीपी वासावा ने कहा कि यह आरोपी न सिर्फ अस्पताल के खिलाफ बल्कि अस्पताल के निदेशक डॉ. आर.के. पटेल के खिलाफ भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। उनके अनुसार बदनाम करने के लिए यह सब करता था। सोशल मीडिया ुपर पोस्ट की जाने वाली टिप्पणियों में अस्पताल में उपचार की व्यवस्था ठीक नहीं होने, चिकित्सक अच्छे नहीं होने जैसी बातें होती थीं। इस संबंध में जांच की जा रही है।
Published on:
26 May 2022 10:37 pm

