-संभावित दुर्घटना को टालने के लिए दिव्यांग ने रखी अपनी ट्राइसिकल
अहमदाबाद. शहर में बारिश रुकने के बाद भी सड़कों पर गड्ढे पडऩा जारी है। रविवार देर शाम को मणिनगर क्षेत्र में बीच सड़क पर गहरा गड्ढा हो गया। संभावित दुर्घटना को टालने के लिए एक दिव्यांग ने अपनी पुरानी ट्राइसिकल गड्ढे के पास रखी थी।
मणिनगर स्थित गोर के कुंआ के निकट स्थित गुरुजी ब्रिज के नीचे शारदाबेन की वाडी के निकट मुख्यमार्ग पर रविवार शाम को गड्ढा पड़ गया। यह गड्ढा काफी गहरा है जो भीतर की तरफ से चौड़ा होता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों को कहना है कि पिछले वर्ष भी इसी जगह पर बड़ा गड्ढा हुआ था। रविवार को शाम को पड़े गड्ढे के बाद सुबह तक प्रशासन ने गड्ढे के आसपास की सुध नहीं ली थी। संभावित दुर्घटना को भांपकर एक दिव्यांग की पुरानी ट्राइसिकल गड्ढे के पास रखी गई थी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इसी रास्ते पर भगवती सोसायटी के गटर की मैनहॉल में मिट्टी भर गई है जिससे गटर भी उभर रही है। जारी मौसम में पूर्व में ही मौसम के दौरान शहर के पूर्व विस्तार, नया पश्चिम जोन जिवराज पार्क समेत विविध भागों में पचास से अधिक गड्ढे पड़ गए। महानगरपालिका के अधिकारियों का मानना है कि जिस क्षेत्र में पुरानी गटर और पानी की लाइन हो जाती हैं उन इलाकों में इस तरह की मिट्टी धंस जाती है। दूसरा कारण गटर-पानी के अवैध कनेक्शन करना भी माना जाता है। अवैध कनेक्शन के दौरान कहीं न कहीं पानी का रिसाव होता रहता है जिससे मिट्टी धंसती रहती है।
गणेश विसर्जन के लिए...
अहमदाबाद में बनाए ३२ कुंड
अहमदाबाद. महानगरपालिका की ओर से शहर में गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए साबरमती नदी के किनारे व अन्य जगहों पर ३२ कुंड बनाए हैं। इनमें शहर के पूर्व क्षेत्रों में २६ और पश्चिम क्षेत्र में छह कुंड हैं।
गणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान साबरमती नदी में भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन नदी और तालाबों की बजाए कुंडों में करने पर जोर दिया जा रहा है। जिससे नदी एवं तालाबों के पानी को प्रदूषित होने से बचाया जा सकेगा। पिछले वर्ष शहर में मनपा की ओर से कुल १८ कुंड बनाए गए थे जिसके मुकाबले इस बार गणेश विसर्जन के उद्देश्य से ३२ कुंड तैयार किए गए हैं। इनमें पश्चिम विस्तार में सभी छह कुंड साबरमती रिवरफ्रंट पर बनाए गए हैं। जबकि पूर्व क्षेत्र में साबरमती रिवरफ्रंट के अलावा अन्य जगहों पर कुल २६ कुंड तैयार किए गए हैं।