गांधीनगर. मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने बुधवार को गुजरात के आठ महानगरों की ओर से तैयार प्रि-मानसून एक्शन प्लान की समीक्षा के दौरान निर्देश चेताया कि बदलती बारिश की पेटर्न को ध्यान में रखकर एक्शन प्लान में जरूरी व्यवस्था होनी चाहिए। इस बार जो नई सड़कें बनीं हैं यदि बारिश में इन सड़कों को नुकसान होता है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पटेल ने इन आठ महानगरपालिकाओं के आयुक्तों के साथ विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आगामी मानसून पूर्व महानगरों में किए गए आयोजन की समीक्षा की। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़ और गांधीनगर महानगरपालिकाओं के सिटी डिजास्टर मैनेजमेन्ट प्लान-2023 को लेकर जो प्रि-मानसून एक्शन प्लान तैयार किए गए उससे संबंधित बैठक में चर्चा कर मुख्यमंत्री पटेल ने जरूरी मार्गदर्शन दिए।
मुख्यमंत्री पटेल ने निर्देश दिए कि बारिश के बदलते पेटर्न को ध्यान में रखकर इस एक्शन प्लान में जरूरी व्यवस्थाएं महानगरों में होनी चाहिए। उन्होंने सड़कों के रखरखाव, पानी और ड्रेनेज लाइन में कोई भी बाधा नहीं हो उस पर ध्यान केन्द्रीत किया जाए। उन्होंने पटेल ने विशेषतौर पर सड़कों और रास्तों के संदर्भ में चेताते कहा कि इस संदर्भ में कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस वर्ष बनी सड़कों में कोई भी क्षति हुई तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। महानगरों में मानसून के दौरान लोगों की छोटी-बडी शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाए और प्रत्येक जिम्मेदार अधिकारी का फोन से संपर्क कर सकें ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, मुख्य सचिव राजकुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिवों की मौजूदगी में आयोजित इस विडियो कांफ्रेंस में महानगरपालिका आयुक्तों ने पूर्व आयोजन की जानकारी दी। प्रि-मानसून एक्शन प्लान में महानगरों में मेनहॉल, बारिश के पानी की निकासी, जर्जरित और भयजनक इमारतों को हटाने, चौबीसों घंटे कंट्रोलरूम और सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत बनाने और भारी बारिश की स्थिति से निपटने के लिए जरूरी साधन-सामग्री प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधा और लोगों को चेतावनी देने के लिए कम्युनिकेशन सिस्टम समेत माइक्रो प्लानिंग से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। शहरी विकास प्रधान सचिव संजीव कुमार ने प्रि-मानसून एक्शन प्लान को लेकर प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया।