
ahmedabad
भुज।मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट-2017 में दो नए फीचर जोड़े गए हैं। पहला, पिछले वाइब्रेंट गुजरात में एमओयू कर निवेश करने वाले उद्यमों की सफलता की गाथा को प्रस्तुत किया जाएगा। दूसरा, निवेशकर्ताओं की ओर से कार्यान्वित किए गए औद्योगिक उद्यमों का भूमिपूजन प्रधानमंत्री करेंगे।
कच्छ जिले की अंजार तहसील के वरसामेडी में वेलस्पन कंपनी की ओर से 600 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किए जा रहे कालीन निर्माण प्लांट का बुधवार को भूमिपूजन करने के बाद समारोह में रुपाणी ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने वाइब्रेंट गुजरात-2017 की जानकारी देते हुए बताया कि 110 देश इस समिट में हिस्सा लेंगे, इसमें 12 देश पार्टनर कंट्री बने हैं और नोबल पुरस्कार विजेता भी इसमें हिस्सा लेंगे।
मेक इन इंडिया अभियान को सफल बनाएगा गुजरात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अपने मुख्यमंत्रित्वकाल के दौरान शुरू किए गए वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को अधिक व्यापक व अधिक विस्तृत बनाया जा रहा है, मोदी के मेक इन इंडिया अभियान को गुजरात सफल करके बताएगा। उन्होंने कहा कि इससे वाइब्रेंट गुजरात में निवेश नहीं होने के दुष्प्रचार का जवाब मिलेगा।
उन्होंने कहा कि गुजरात सरकार की ओर से अलग-अलग उद्योगों के लिए 17 नई नीतियां अमल में लाई जा रही हैं। इनमें रक्षा साधन, एरोस्पेस, एग्रो प्रोडक्ट प्रोसेस सरीखी महत्व वाली नई नीतियां शामिल हैं। रुपाणी ने विश्वास जताया कि यह नीतियां मेक इन इंडिया अभियान के लिए उपयोगी साबित होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में निवेश से रोजगार के विपुल अवसर उत्पन्न करने व औद्योगिक उद्यमों के लिए सरलता से अपना व्यवसाय करने के लिए व्यवस्था की गई है।
गुजरात में पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ के निवेश की योजना
वेलस्पन इंडिया के चेयरमैन बी.के. गोयनका ने कहा कि कंपनी ने गुजरात में पिछले 10 वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है और अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना है। उन्होंने कच्छ जिले में सीएसआर के तहत की गई गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि प्लांट के शिलान्यास के साथ ही कंपनी ने फ्लोरिंग सोल्यूशंस के क्षेत्र में प्रवेश किया है। वेलस्पन के घरेलु टेक्सटाइल उत्पादों में शामिल होने वाले इस संयंत्र की क्षमता लगभग सात मिलियन वर्ग मीटर की होगी और अधिकांश पूंजीगत व्यय का कार्य अगले 18 महीनों में पूरा किया जाएगा। इसके माध्यम से सात हजार से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
30 एमएलडी क्षमता का अपशिष्ट जल उपचार संयत्र भी
गोयनका ने कहा कि स्थायित्व को आधार मानकर भारत सरकार के स्वच्छ पर्यावरण अभियान के अनुरूप कंपनी की ओर से वेलस्पन सिटी में 30 एमएलडी की क्षमता वाले अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र की स्थापना की गई है।
इससे अंजार, गांधीधाम, आदिपुर में उत्पन्न अपशिष्ट जल को पुन:चक्रित और उपचारित किया जाएगा। कंपनी की ओर से जैविक उपचार, अल्ट्रा फिल्टरेशन और आर.ओ. प्रक्रियाओं के बाद प्राप्त पानी को अपने उत्पादन गतिविधियों में पुन उपयोग में लाया जाएगा। इससे नर्मदा नदी पर कंपनी की निर्भरता कम होगी और स्थानीय समुदायोंको अधिक मात्रा में ताजा पानी उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री रुपाणी ने इस वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का उद्घाटन भी किया। कंपनी में कार्यरत मूक-बधिर कर्मचारियों ने कृष्ण लीला की झांकी प्रस्तुत की।

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