
सोमनाथ तीर्थ स्थल व समुद्र के किनारे पसरा सन्नाटा
प्रभास पाटण. कोरोना के इस काल ने उस जगह की चेहल-पहल को भी रोक दिया जहां हर वक्त मेला जैसा माहौल रहता था। सोमनाथ तीर्थस्थल और उसके आसपास श्रद्धालुओं और सेलानियों की भरमार रहती थी लेकिन अब यहां हर वक्त सुनसान जैसा लगता है। इससे यहां के व्यापारी, ट्रैवल्स व्यवसाय और मनोरंजन के साधनों से से जुड़े व्यापारी प्रभावित हो रहे हैं।
देश के 12 ज्योर्तिलिंग में से प्रथम और पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध सोमनाथ आने वाले लोगों को कोरोना ने मानो थाम दिया है। मार्च माह से लेकर अब तक सोमनाथ मंदिर, समुद्र तटीय क्षेत्र तथा गैस्ट हाउस आदि व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हैं। सोमनाथ शॉपिंग कम्पलेक्स में व्यवसाय करने वाले लक्ष्मण जेठवा का कहना है कि हर वर्ष श्रावण माह और गर्मी की छुट्टियों में अच्छी खासी कमाई होती थी। लेकिन इस बार कोरोना का ऐसा ग्रहण लगा है कि ग्राहक ही दिखाई नहीं देते हैं। दिनभर में एक दो ग्राहक ही उनकी दुकान पर आते हैं। दुकान होते हुए भी बेरोजगार जैसी स्थिति है। वे कहते हैं कि दुकान में समय बिताने के लिए रामायण या महाभारत पढ़ते रहते हैं। इतना ही नहीं वे व्यापारी भी मुश्किल में हैं जो जयपुर, आगरा, रामेश्वरम आदि शहरों से सामान खरीदकर यहां लाकर बेचते हैं। इन दिनों इन व्यापारियों का सामान नहीं बिक रहा है। अब उनके पास ग्राहक ही नहीं हैं तो सामान लाकर क्या करें।
समुद्र तट भी सूना
सोमनाथ समुद्र का किनारा भी इन दिनों सूना है। इस क्षेत्र में ऊंट और घोड़े पर सवारी कराने वाले लोग भी इन दिनों बेरेजगार जैसी स्थिति में हैं। इसके अलावा हरे नारियल या बच्चों के खिलौने बेचने वाले व्यापारी भी इसी स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। कोरोना काल से पहले इस क्षेत्र में काफी चहल पहल रहती थी। लेकिन अब यहां सुनसान नजर आता है। व्यापारियों ने सामान ही मंगाना बंद कर दिया है। यही हालत यहां के गेस्ट हाउस और ट्रेवल्स एजेंटों की है। फूल बाजार में भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
Published on:
04 Sept 2020 10:04 pm
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