
ऐसी प्रौद्योगिकियां बनाएं जो वैश्विकस्तर पर समानता को बढ़ावा दें : डॉ. रेड्डी
गांधीनगर: प्रौद्योगिकी केवल अध्ययन या करियर विकल्प का क्षेत्र ही नहीं है। यह ऐसी शक्ति है, जो नवाचार को बढ़ावा देती है। उद्योगों को आकार देती है और समाज को बदलती है। जिससे विद्यार्थी ऐसी प्रौद्योगिकियां बनाएं जो वैश्विकस्तर पर समावेशिता व समानता को बढ़ावा दें।
यह बात उद्यमी डॉ. बीवीआर मोहन रेड्डी ने कही। वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-गांधीनगर के 12वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
आईआईटी-गांधीनगर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. राजीव मोदी ने शिक्षा का एक इकोसिस्टम बनाने के दृष्टिकोण को सराहा।
आईआईटी- गांधीनगर के निदेशक प्रो.रजत मूना ने वर्ष के दौरान संस्थान की गतिविधियों और उपलब्धियों का संक्षिप्त विवरण दिया।
पहली बार डिजिटल डिग्रीसंस्थान ने पहली बार दीक्षांत समारोह में 456 छात्रों को डिजिटल डिग्री प्रदान की। इसमें 73 पीएचडी छात्रों, 43 एमटेक छात्रों, 1 बीटेक-एमटेक ड्युअल डिग्री, 108 एमएससी छात्रों, 23 एमए छात्रों, 8 पीजीडीआईआईटी छात्र, 3 बीटेक ड्युअल मेजर छात्र, 196 बीटेक छात्र और 1 बीएससी (इंजीनियरिंग) छात्र को यूएसबी ड्राइव में सत्यापन योग्य और छेड़छाड़-प्रूफ डिजिटल डिग्री, मार्कशीट और पदक प्रमाण पत्र प्रदान किए। इन डिजिटल डिग्रियों को छात्रों के डीजीलॉकर में भी अपलोड किया है। इस वर्ष, 48 छात्रों ने शिक्षा, उत्कृष्ट शोध, नवाचार, नेतृत्व, सामाजिक सेवा, खेल, कला और संस्कृति जैसी विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्टता के लिए 58 पदक प्राप्त किए, जिनमें 42 स्वर्ण पदक और 16 रजत पदक शामिल हैं।
Published on:
30 Jul 2023 10:13 pm
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