गांधीनगर. अहमदाबाद शहर में 20 जून को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथयात्रा की तैयारियों की रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 146वीं रथयात्रा शांति, सुरक्षा और सौहार्द्र के माहौल में निकालने को पुलिस व प्रशासन तैयार है। रथयात्रा में पहली बार थ्री डी मैपिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग कर निगरानी की जाएगी। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में गांधीनगर में हुई बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, मुख्य सचिव राजकुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश पुरी, एवं पुलिस महानिदेशक विकास सहाय समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
अहमदाबाद शहर के प्रभारी पुलिस आयुक्त प्रेमवीरसिंह ने रथयात्रा को लेकर शहर पुलिस की तैयारियों का प्रजेन्टेशन दिया। पहली बार यात्रा मार्ग, निज मंदिर, स्टेटेजिक प्वाइन्ट की थ्री डी मैपिंग तकनीक से निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि थ्रीडी मैपिंग से निगरानी का प्रयोग आगामी रथयात्राओं में भी करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने चेताया कि सोशल मीडिया के जरिए रथयात्रा को प्रभावित करनेवाली कोई भी अफवाह या फर्जी जानकारी नहीं फैले इसके लिए साइबर क्राइम और क्राइम ब्रांच की टीमें ध्यान रखें।
गुजरात में निकलेगीं 198 छोटी-बड़ी रथयात्राएंगृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि अहमदाबाद में देश की दूसरी सबसे बड़ी 146वीं रथयात्रा निकलने वाली है। इसके साथ राज्यभर में 198 छोटी-बड़ी रथयात्राएं निकलेंगीं। इन सभी रथयात्राओं में साम्प्रदायिक सदभाव बनाए रखने को लेकर पुलिस व प्रशासन तैयार है।
गृह राज्यमंत्री ने जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर किए दर्शन, समीक्षागृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने रविवार शाम को जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और बाद में पुलिस और मंदिर के महंत व ट्रस्टियों के साथ बैठक की। उन्होंने रथयात्रा रूट पर खाडिया, रायपुर, कालूपुर, प्रेम दरवाजा, तंबू चौकी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अहमदाबाद की रथयात्रा के लिए अर्धसैनिक बलों समेत 26,091 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। वहीं 45 संवेदनशील स्थलों पर 94 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। 2322 बॉडीवार्न कैमरों के साथ पुलिस जवान और यात्रा में रहने वाले 25 वाहनों पर सीसीटीवी और जीपीएस सिस्टम लगाकर पल-पल की जानकारी प्राप्त की जाएगी।एन्टी ड्रोन टेक्नोलॉजी का भी प्रयोग
गृह राज्यमंत्री संघवी ने कहा कि रथयात्रा मार्ग से पुलिस अधिकारियों को परिचित कराने के लिए एरिया फेमिलराइजेशन के तहत 3732 पैदल गश्त की गई। 32 उड़ान भरकर ड्रोन से संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। 250 छतों पर प्वाइन्ट और रूट पर 25 वॉच टावर लगाए गए। रथयात्रा के दौरान कोई अनधिकृत ड्रोन का उपयोग नहीं कर सके इसके लिए पहली बार एन्टी ड्रोन टेक्नोलॉजी का भी उपयोग किया जाएगा।