12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ठाकोर समाज का 16 सूत्रीय संविधान लागू, फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर प्रतिबंध

बनासकांठा जिले के ओगडधाम में महासम्मेलन में 1 लाख लोग रहे मौजूद पाटण. ठाकोर समाज का महासम्मेलन रविवार को बनासकांठा जिले की दियोदर तहसील के ओगडधाम में आयोजित हुआ। राज्यमंत्री स्वरूपजी ठाकोर, सांसद गेनीबेन ठाकोर, भरतसिंह डाभी, विधायकों व नेताओं की मौजूदगी में ठाकोर समाज का 16 सूत्रीय नया संविधान लागू किया गया।संविधान में शादी, […]

less than 1 minute read
Google source verification

बनासकांठा जिले के ओगडधाम में महासम्मेलन में 1 लाख लोग रहे मौजूद

पाटण. ठाकोर समाज का महासम्मेलन रविवार को बनासकांठा जिले की दियोदर तहसील के ओगडधाम में आयोजित हुआ। राज्यमंत्री स्वरूपजी ठाकोर, सांसद गेनीबेन ठाकोर, भरतसिंह डाभी, विधायकों व नेताओं की मौजूदगी में ठाकोर समाज का 16 सूत्रीय नया संविधान लागू किया गया।
संविधान में शादी, मृत्यु, सगाई, जन्मदिन आदि अवसरों पर फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। उत्तर गुजरात के बनासकांठा, पाटण, वाव और थराद जिलों के ठाकोर समाज के संविधान महासम्मेलन में समाज में फैली कुरीतियों को दूर कर आधुनिक और सर्वसमावेशी सामाजिक संविधान लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

हर गांव और हर परिवार के लिए अनिवार्य

करीब 1 लाख लोगों की मौजूदगी में महासम्मेलन में समाज सुधार और कुरीतियों के उन्मूलन से जुड़े कुल 16 मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से नए संविधान का वाचन कर उसे लागू किया गया। समाज के नेताओं ने बताया कि आज से यह संविधान हर गांव और हर परिवार के लिए अनिवार्य रहेगा।
संविधान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक तहसील और गांव स्तर पर समन्वय समिति गठित करने की घोषणा की गई ताकि समाज में समानता, संयम और सुधार स्थापित किया जा सके।